पत्रकार सिद्दीकी कप्पन की जमानत पर यूपी सरकार को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

पिछले दो साल से केरल के पत्रकार सिद्दीकी कप्पन यूएपीए के तहत जेल में बंद हैं.

Article image
  • Share this article on whatsapp

सुप्रीम कोर्ट में पत्रकार सिद्दीकी कप्पन की जमानत याचिका पर सोमवार को सुनवाई हुई. मुख्य न्यायाधीश यूयू ललित और जस्टिस एस रविंद्र भट्ट की बेंच ने उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी करते हुए 5 सितंबर तक जवाब मांगा है.

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि वह 9 सितंबर को इस मामले पर फैसला सुनाएगी. यूएपीए के तहत जेल में बंद पत्रकार कप्पन की इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2 अगस्त को जमानत याचिका रद्द कर दी थी.

subscription-appeal-image

Support Independent Media

The media must be free and fair, uninfluenced by corporate or state interests. That's why you, the public, need to pay to keep news free.

Contribute

कप्पन को उत्तर प्रदेश पुलिस ने अक्टूबर 2020 में गिरफ्तार किया था. कप्पन उस समय हाथरस में दलित लड़की के साथ हुए बलात्कार और हत्या पर रिपोर्ट करने के लिए जा रहे थे. जिसके बाद बाद में पुलिस ने उन पर विदेशों से धन प्राप्त करने का भी आरोप लगाया.

एक ओर जहां हाईकोर्ट ने कप्पन को जमानत देने से इंकार कर दिया था, वहीं हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने कप्पन के साथ गिरफ्तार आलम ऊर्फ मोहम्मद आलम को सशर्त जमानत दे दी. आलम अपनी कैब से पत्रकार को हाथरस ले जा रहा थे, लेकिन मथुरा के मांट थाना क्षेत्र में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था.

Also see
article imageसिद्दीकी कप्पन चार्जशीट: जी श्रीदाथन और व्हाट्सएप नाम का एक सूत्र
article imageयूपी पुलिस को लगता है कि सिद्दीकी कप्पन की पीएफआई के साथ साजिश साबित करने के लिए कुछ लिंक और व्हाट्सएप चैट पर्याप्त हैं

You may also like