लखीमपुर खीरी बवाल: बीजेपी नेता की गाड़ी ने किसानों को रौंदा, हिंसा में 8 की मौत

प्रियंका गांधी, जयंत चौधरी, राकेश टिकैत और अखिलेश यादव का लखीमपुर खीरी जाने का ऐलान.

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लखीमपुर खीरी में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत हो गई है. घटना के बाद से बवाल जारी है. दरअसल यहां उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य एक कार्यक्रम में शिरकत करने आए थे. इस दौरान किसान उन्हें रास्ते में काले झंडे दिखा रहे थे. तभी काफिले को काला झंडा दिखा रहे किसानों पर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे की कार किसानों पर चढ़ा दी. इसके बाद किसानों ने अजय की गाड़ी पर हमला बोल दिया. और आग के हवाले कर दिया. हालांकि वह किसी तरह अपनी जान बचाकर भाग गए. फिलहाल मौके भारी फोर्स की तैनाती कर दी गई है.

अमर उजाला की खबर के मुताबिक रविवार को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र के गांव बनवीर में कई योजनाओं के शिलान्यास का कार्यक्रम तय था. इसमें बतौर मुख्य अतिथि उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य शामिल हुए. केशव प्रसाद मौर्य का हेलीकॉप्टर जिस हेलीपैड पर उतरना था, वहां सुबह से ही किसानों ने काले झंडे लेकर धरना शुरू कर दिया. आरोप है कि इसी बीच केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र के बेटे की कार ने किसानों को रौंद दिया.

इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपना गोरखपुर दौरा बीच में छोड़कर लखनऊ रवाना हो गए हैं. उन्होंने एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार, आईजी लक्ष्मी सिंह को घटनास्थल पर पहुंचने का आदेश दिया. आईजी लक्ष्मी सिंह और प्रशांत कुमार मौके पर पहुंच चुके हैं. वहीं जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारी भी घटनास्थल पर मौजूद हैं. लखीमपुर खीरी जिले के एएसपी अरुण कुमार सिंह ने कुल 8 लोगों की मौत होने की पुष्टि की है. बताया जा रहा है कि इनमें चार किसान और तीन भाजपा कार्यकर्ता शामिल हैं.

वहीं किसान नेता राकेश टिकैत भी कई किसानों समेत दिल्ली बार्डर से लखीमपुर खीरी के लिए रवाना हो गए हैं. राकेश टाकैत ने इस घटना की निंदा की है. राकेश टिकैत को रोकने के लिए बड़ी तादाद में एक्सप्रेस-वे पर पुलिस बल तैनात किया गया है.

इस घटना पर पूर्व मुख्यमंत्री और सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कहा, "लखीमपुर खीरी में भाजपाइयों द्वारा गाड़ी से रौंदे जाने की घटना में गंभीर रूप से घायल किसान नेता श्री तेजिंदर सिंह विर्क जी से अभी थोड़ी बात हो पाई. उनकी अति गंभीर स्थिति को देखते हुए सरकार तुरंत उन्हें सर्वोत्तम इलाज उपलब्ध कराए. बस एक मांग मुख्यमंत्री इस्तीफ़ा दें."

वहीं राहुल गांधी ने भी ट्वीट कर कहा, "जो इस अमानवीय नरसंहार को देखकर भी चुप है, वो पहले ही मर चुका है. लेकिन हम इस बलिदान को बेकार नहीं होने देंगे- किसान सत्याग्रह ज़िंदाबाद!"

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