एनएल चर्चा 174: जम्मू कश्मीर और यूपी में धर्मांतरण का मामला और सीजेआई की टिप्पणी

हिंदी पॉडकास्ट जहां हम हफ़्ते भर के बवालों और सवालों पर चर्चा करते हैं.

एनएल चर्चा 174: जम्मू कश्मीर और यूपी में धर्मांतरण का मामला और सीजेआई की टिप्पणी
एनएल चर्चा
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एनएल चर्चा के 173वें अंक में कश्मीर में धर्मांतरण का मामला, यूपी एटीएस ने धर्मांतरण के आरोप में दो लोगों को किया गिरफ्तार, सीजेआई का न्यायालय और सरकार को लेकर दिया गया बयान, ब्राजील ने रद्द की कोवैक्सीन की 2 करोड़ डोज, कोरोना मामलों में दर्ज की गई कमी, वैक्सीनेशन में आ रही कमी, जम्मू कश्मीर में सैनिक छावनी पर ड्रोन से हमला आदि इस हफ्ते चर्चा के प्रमुख विषय रहे.

इस बार चर्चा में बतौर मेहमान सामाजिक आंदोलनों से जुड़े और सामयिक मुद्दों पर लिखने वाले सत्यम श्रीवास्तव शामिल हुए. न्यूज़लॉन्ड्री के स्तंभकार आनंद वर्धन और सहसंपादक शार्दूल कात्यायन भी चर्चा का हिस्सा रहे. संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के कार्यकारी संपादक अतुल चौरसिया ने किया.

अतुल चर्चा की शुरुआत चीफ जस्टिस के बयान से करते हैं. वह अन्य सदस्यों से सवाल पूछते हुए कहते हैं, “पिछले सीजेआई के कार्यकाल से वर्तमान सीजेआई के कार्यकाल में अंतर दिख रहा है. क्या आप सभी को ऐसा लगता हैं?”

इस पर जवाब देते हुए आनंद कहते हैं, “सीजेआई ने जो बयान दिया है उसके पीछे क्या कारण है वह अलग विषय है. लेकिन एक बात है कि इस शताब्दी में लोगों का विश्वास न्यायालय पर बढ़ा है. सेमिनार में जो बयान सीजेआई ने दिया वह ऐसा नहीं हैं कि किसी अन्य न्यायाधीश ने ऐसा कभी नहीं कहा हो. लेकिन इस समय में कहीं गई बात महत्वपूर्ण हैं.”

इसी विषय पर सत्यम कहते हैं, “जब से जस्टिस रमन्ना ने कार्यकाल संभाला है तब से इनका एक अलग रुख दिख रहा है. उनके सामने दो तरह की चुनौतियां हैं, पहला कि सुप्रीम कोर्ट की छवि को बनाए रखना जो पिछले कुछ समय में धूमिल हुई है और दूसरा उनका व्यक्तिगत तौर पर भ्रष्टाचार के मामलों में अपनी छवि साफ रखनी होगी.”

इस विषय पर बोलते हुए शार्दूल, आनंद के वक्तव्य पर असहमति जताते हुए कहते हैं, “न्यायाधीश भी तो इसी समाज में रहता है, वह समाज से अलग नहीं है. वैसे भी न्यायाधीशों पर इतनी पाबंदियां होती हैं ऐसे में अगर उन्हें बोलने का मौका मिल रहा है तो बोलना चाहिए. इसमें आश्चर्य नहीं करना चाहिए कि न्यायपालिका बोल रही है. और इसमें कोई संदेह की बात नहीं है कि भारत के सिस्टम को रिफॉर्म की बहुत ज्यादा जरूरत है.”

इस विषय के अलावा अन्य विषयों पर बहुत विस्तार से बातचीत हुई. पूरी बातचीत सुनने के लिए इस पूरे पॉडकास्ट को जरूर सुनें और न्यूज़लॉन्ड्री को सब्सक्राइब करना न भूलें.

0:00 - इंट्रो

2:00 - हेडलाइन

13:25 - सीजेआई का बयान

29:35 - जम्मू धर्मांतरण मामला

1:07:00 - क्या पढ़ें क्या देखें

पत्रकारों की राय, क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए.

सत्यम श्रीवास्तव

फिल्म शादीस्थान - डिज्नी हॉटस्टार

सुखदेश सिंह शर्मा की किताब - धर्म दर्शन

आनंद वर्धन

शिवशंकर मेनन की किताब - इंडिया और एशिया जियोपॉलिटिक्स

पूर्व विदेश सचिव विजय गोखले किताब - द लॉग गेम

शार्दूल कात्यायन

द गार्जियन में पर्यावरण को लेकर लिखा गया मार्क हर्ट्सगार्ड का लेख

साइबेरिया में बढ़ते तापमान पर लाइव सांइस पर प्रकाशित लेख

कनाडा और अमेरिका में आए तापमान में उछाल पर डीडब्लू पर प्रकाशित लेख

इंडियन एक्सप्रेस पर हरीश दामोदरन का लेख - क्या खाना फ्यूल से ज्यादा मंहगा हो जाएगा?

अतुल चौरसिया

फिल्म - मिलादा नेटफिलिक्स

***

प्रोड्यूसर- लिपि वत्स और आदित्य वारियर

एडिटिंग - सतीश कुमार

ट्रांसक्राइब - अश्वनी कुमार सिंह

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