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जमुई की पीड़िता के पिता का दर्द: ‘गिरफ्तारी काफी नहीं, पुलिस उन्हें एनकाउंटर में मार दे तो खुशी मिले’ 

“मुझे खुशी तभी होगी जब मेरी बेटी को इंसाफ मिलेगा. मैं चाहता हूं कि पुलिस उन्हें एनकाउंटर में मार दे. सिर्फ गिरफ्तारी काफी नहीं है.” ये दीपक कुमार की वो तमन्ना है जो गुस्से में लिपटी है, जिसमें उनकी बेटी के लिए न्याय की गुहार है. दरअसल, दसवीं कक्षा में पढ़ने वाली उनकी बेटी के साथ 19 सितंबर को बिहार के जमुई जिले में कुछ युवकों ने कथित तौर पर छेड़छाड़ और मारपीट की.

मामले के एक मुख्य आरोपी नंदन यादव को 22 सितंबर को पुलिस ने पैर में गोली मारकर गिरफ्तार कर लिया. इसके साथ ही मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या छह हो गई है. द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में तीन बालिग और तीन नाबालिग हैं.

गौरतलब है कि घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला सामने आया. वीडियो में लड़की और उसके एक पुरुष मित्र को करीब एक घंटे तक कुछ लोगों से घिरा, पीछा और परेशान किया जाता हुआ देखा जा सकता है. वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और जांच शुरू की.

जमुई लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत तारापुर विधानसभा सीट आती है, जिसका प्रतिनिधित्व बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करते हैं. घटना को लेकर विपक्षी नेताओं ने इलाके की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं.

जमुई पुलिस ने यह भी बताया है कि उसने ऐसे 120 यूआरएल की पहचान की है, जहां घटना का वीडियो मौजूद है. पुलिस का कहना है कि वीडियो के प्रसार को रोकने के लिए कार्रवाई की जा रही है.

19 सितंबर को क्या हुआ?

जानकारी के मुताबिक, 19 सितंबर की शाम करीब पांच बजे दसवीं कक्षा की छात्रा ट्यूशन पढ़ने के लिए घर से निकली थी. उसे उम्मीद थी कि शाम की पढ़ाई के बाद वह घर लौट आएगी. हालांकि, छात्रा के पिता की मानें तो ट्यूशन के दौरान ब्रेक में वह अपने एक पुरुष मित्र के साथ आइसक्रीम खाने बाहर गई थी. इसी दौरान दो बाइक पर सवार कुछ युवकों ने कथित तौर पर उसे परेशान करना और उसके साथ अभद्र व्यवहार करना शुरू कर दिया.

दीपक कुमार ने न्यूज़लॉन्ड्री को बताया, “इस घटना के बाद मेरी बेटी काफी परेशान है. घटना के अगले दिन उसने हमें इसके बारे में बताया, जब वीडियो इंटरनेट पर वायरल होने लगा.”

कथित तौर पर दोनों छात्रों को युवकों के समूह ने रोक लिया और करीब एक घंटे तक घेरकर परेशान किया. दोनों वहां से निकलने की कोशिश करते रहे. आरोप है कि नंदन यादव ने लड़की का पीछा किया, उसे पीछे से पकड़ लिया और बाद में अपनी गोद में उठा लिया. उसके पुरुष मित्र ने बीच में आकर लड़की को छुड़ाया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच हाथापाई हुई. इसके बावजूद आरोपी दोनों को वहां से जाने से रोकने की कोशिश करते रहे.

घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद जमुई पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और जांच शुरू की.

जमुई के पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल के मुताबिक, 25 वर्षीय नंदन यादव फिलहाल पुलिस हिरासत में है और उससे पूछताछ के बाद मामले में और लोगों की पहचान हो सकती है. दयाल ने कहा, “नंदन से पूछताछ के बाद और लोगों की पहचान की जाएगी.”

फिलहाल, आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74 (महिला की गरिमा भंग करने के इरादे से हमला या आपराधिक बल का इस्तेमाल), धारा 76 (महिला को निर्वस्त्र करने के इरादे से हमला या आपराधिक बल का इस्तेमाल) और धारा 3(5) (साझा मंशा) के साथ-साथ पोक्सो एक्ट की धारा 8 और 12 के तहत मामला दर्ज किया गया है. ये धाराएं बच्चे के खिलाफ यौन हमला और यौन उत्पीड़न से संबंधित हैं.

पुलिस नंदन यादव की पृष्ठभूमि और उसके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है. एसपी दयाल के मुताबिक, अभी तक ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है कि वह आदतन अपराधी है. हालांकि, दूसरे थानों में उसके रिकॉर्ड की जांच की जा रही है.

वीडियो वाले 120 यूआरएल की पहचान

एसपी दयाल ने बताया कि पुलिस ने घटना का वीडियो मौजूद होने वाले 120 यूआरएल की पहचान की है. उनके मुताबिक, वीडियो में लड़की की पहचान उजागर होने की आशंका है. साइबर पुलिस उन प्रोफाइल्स के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, जिन्होंने वीडियो साझा या प्रसारित किया. मामले में कुछ लोगों को हिरासत में लिए जाने की भी बात पुलिस ने कही है.

जमुई पुलिस ने एक बयान में कहा कि वीडियो का छोटा-सा हिस्सा भी साझा करने से पीड़िता की निजता और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है. पुलिस ने कहा कि पीड़िता की पहचान की रक्षा करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है.

पुलिस ने चेतावनी दी कि नाबालिग की पहचान उजागर करना या इस तरह की सामग्री का प्रसार करना भारतीय न्याय संहिता, आईटी एक्ट, जुवेनाइल जस्टिस एक्ट और पॉक्सो एक्ट के तहत संज्ञेय अपराध है और इसके लिए सख्त सजा का प्रावधान है.

पुलिस ने लोगों से अपील की, “कृपया संवेदनशीलता बरतें. वीडियो को आगे न भेजें.” पुलिस ने यह भी कहा कि नागरिकों की सुरक्षा के लिए जमुई पुलिस सहायता के लिए उपलब्ध है.

‘हम चाहते हैं कि उचित कार्रवाई हो’

 वहीं, दीपक कुमार ने कहा, “दो बाइक पर कुछ लोग आए और मेरी बेटी को परेशान करने लगे और उसके साथ अभद्र व्यवहार किया. मुझे लगता है कि उन लड़कों को यह पसंद नहीं आया कि एक लड़की शाम के समय एक लड़के के साथ थी.”

उन्होंने बताया कि उनकी बेटी दसवीं कक्षा में पढ़ती है और आरोपी लड़के परिवार के परिचित नहीं थे, हालांकि वे जमुई के ही रहने वाले हैं.

कुमार ने दावा किया कि जमुई में पहले भी इस तरह की दो घटनाएं हो चुकी हैं. एसपी दयाल ने इनमें से एक मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस उस मामले में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है और मामला अदालत में विचाराधीन है.

कुमार ने बताया कि घटना के बाद स्कूल ने परिवार का सहयोग किया है और अभी तक उनकी बेटी को किसी तरह से निशाना नहीं बनाया गया है.

उन्होंने कहा, “स्कूल हमारा सहयोग कर रहा है और अभी तक मेरी बेटी को निशाना नहीं बनाया गया है. पुलिस ने भी हमारा सहयोग किया है, लेकिन हम चाहते हैं कि जिन लड़कों ने मेरी बेटी के साथ यह किया, उनके खिलाफ उचित कार्रवाई हो.”

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