Media
न्यूज़ इंडिया में फर्जी दस्तावेजों के ज़रिए नियुक्ति और पुराने कर्मचारियों की छुट्टी का असली सच
26 फरवरी 2026 की शाम को न्यूज़ इंडिया 24X7 नाम के एक समाचार चैनल का वीडियो इंटरनेट पर वायरल हुआ. वायरल वीडियो में चैनल के चेयरमैन शैलेंद्र शर्मा कर्मचारियों से कहते हैं, ‘‘आपकी जॉइनिंग चैनल के मुख्य संपादक राणा यशवंत जी ने कराई है तो आप लोगों की सैलरी यही देंगे.’’
इसी वीडियो में आगे, टेबल पर रखे डॉक्यूमेंट की तरफ इशारा करके कहते हैं, ‘‘यह सारे डॉक्यूमेंट फर्जी हैं.’’
यह सब जब हो रहा था तब आसपास दर्जनों कर्मचारी खड़े थे.
न्यूज़ इंडिया के मुख्य संपादक राणा यशवंत पर आरोप है कि उन्होंने चैनल में अपने पसंदीदा लोगों की बिना डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के भर्ती कराई. साथ ही मैनेजमेंट की लगातार गुजारिश के बाद भी नई भर्ती कराए गए लोगों ने अनिवार्य दस्तावेज जमा नहीं कराए.
वहीं, राणा यशवंत का कहना है, ‘‘उन्होंने जिन लोगों की भी जॉइनिंग कराई है, उन सबके डॉक्यूमेंट पूरे हैं.’’
न्यूज़लॉन्ड्री से बातचीत में राणा ने कहा, ‘‘चेयरमैन द्वारा इस तरह का बर्ताव उनकी ठेकेदार वाली मानसिकता को दिखाता है. बिल्डिंग बनाने और चैनल चलाने में फर्क होता है. अगर ये समझ नहीं आता है तो चैनल चलाने कोई अधिकार नहीं है.’’
आगे राणा कहते हैं, ‘‘मसला कोई भी सुलझाया जा सकता है. उसका तरीका होता है. उन्होंने (शर्मा ने) जो किया वो निहायत घटिया, फूहड़, अश्लील, अभद्र और अपमानजनक रवैया था. आप इतने पत्रकारों की भर्ती मनमाने तरीके से रद्द नहीं कर सकते हैं.’’
26 फरवरी को क्या हुआ?
26 फरवरी के वाकये के दौरान मौजूद रहे कर्मचारियों ने बताया कि सुबह के 10 बजे के आसपास सबको मैसेज आया था कि दोपहर में एक जनरल मीटिंग होगी, जिसमें सबको मौजूद रहना है. दोपहर में मीटिंग शुरू हुई तो इसमें सबसे पहला मुद्दा यह उठाया गया कि चैनल पर आने वाली सभी खबरें डिजिटल प्लेटफार्म जैसे यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर नहीं जा रही. इसके बाद बात शुरू हुई उन नियुक्तियों पर जो राणा यशवंत ने की थी. टेबल पर फाइल रखकर यह कहा गया कि यह सारे डॉक्यूमेंट फर्जी हैं. जो लोग हायर किए गए हैं, वो फर्जी लोग है. वहीं हायर किए गए लोगों से कहा गया कि आप लोगों को यशवंत जी ने हायर किया है तो आप अपनी सैलरी इन्हीं से ले ले. चेयरमैन ने खुद ही वीडियो बनवाया और वहां से चले गए.
संस्थान की एचआर तनु शर्मा ने न्यूज़लॉन्ड्री से बातचीत कहा कि कई बार ई-मेल करने के बावजूद भी इन लोगों ने ज्वाइनिंग के लिए डॉक्यूमेंट नहीं जमा किए. यहां तक कि कुछ लोगों ने जो सैलरी स्लिप और डॉक्यूमेंट जमा किए, वह फर्जी पाए गए. ऐसा करने के लिए उन्होंने माफी भी मांगी. न्यूज़लॉन्ड्री को ऐसे माफीनामे वाले ईमेल के स्क्रीनशॉट भी मिले हैं.
वहीं, इन आरोपों के जवाब में राणा यशवंत कहते हैं, ‘‘यह कोई खुफिया नियुक्ति नहीं हो रही थी और ना ही चैनल में कोई एचआर पॉलिसी थी. मैंने जिन लोगों की नियुक्ति की है, यह सारे लोग इंडस्ट्री में कई सालों से काम कर रहे हैं. मैं इनकी काबिलियत जानता हूं. पूरा मसला 16-17 लोगों की नियुक्ति को लेकर था. जिसमें चार एंकर, तीन रिपोर्टर और बाकी आउटपुट एवं डिजिटल पर काम करने वाले लोग हैं.’’
क्यों उलझ गया है ये मामला?
दरअसल, दिसंबर महीने में राणा यशवंत इंडिया न्यूज़ छोड़कर न्यूज़ इंडिया 24X7 पहुंचे. यहां 15 दिसंबर को समाचार चैनल के मुख्य संपादक और सीईओ के रूप में पदभार संभाला.
जानकारी के मुताबिक, यहां आने के बाद राणा ने 50 से अधिक पुराने कर्मचारियों की छंटनी की और 40 से ज्यादा नए लोगों की नियुक्ति की. बातचीत में उन्होंने बताया, “जब मैंने ज्वाइन किया था तब चैनल पूरी तरह से बिखरा पड़ा था. न विभागों के बीच ठीक से बंटवारा था और न कोई वर्कफ्लो था. मैंने अलग-अलग डिपार्टमेंट का सेग्रीगेशन किया. काबिल लोगों की हायरिंग की. जो किसी भी संस्थान को चलाने के लिए एक संपादक करता है.”
न्यूज़लॉन्ड्री से बात करते हुए न्यूज़ इंडिया के कुछ पुराने कर्मचारियों ने बताया कि राणा ने संपादक बनते ही लोगों को हटाना शुरू कर दिया. इसलिए पुराने लोगों में नाराज़गी थी.
राणा के जरिए बीते 15 जनवरी से चैनल से जुड़ी एंकर सोनल दहिया कहती हैं कि उन्होंने बहुत उम्मीद के साथ यह चैनल ज्वॉइन किया था. शाम 6:00 बजे उनका डिबेट शो ‘बेधड़क’ आता था. उन्हें उम्मीद थी कि आगे चलकर संस्थान एक बेहतर मुकाम हासिल कर लेगा लेकिन यह बदलाव कुछ पुराने लोगों को रास नहीं आया.
दहिया का आरोप है कि करीब डेढ़ महीने से चैनल के लिए काम करने के बावजूद उन्हें अभी तक सैलरी नहीं मिली है. वह कहती हैं, “मुझे कैश में सैलरी देना चाह रहे थे लेकिन मैंने इनकार कर दिया.”
इस पूरे विवाद के बीच चैनल के चेयरमैन शैलेन्द्र शर्मा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. इस्तीफे का कारण उन्होंने ‘चैनल के संचालन के लिए जिन व्यक्तियों को जिम्मेदारी सौंपी गई, उनमें सें कुछ दवारा अनियमितता एवं गड़बड़ियों को अंजाम दिया’ जाना बताया है.
मणिकर्णिका घाट से काशी विश्वनाथ कॉरिडोर तक, उजड़े (ढहा दिए गए) घरों और खामोश हो चुके मोहल्लों के बीच यह सीरीज़ बताएगी कि कैसे तोड़फोड़ की राजनीति बनारस की सिर्फ़ इमारतें नहीं, उसकी आत्मा को भी बदल रही है. बनारस पर हमारे इस सेना प्रोजेक्ट को सपोर्ट करिए.
Also Read
-
From India Against Corruption to CJP: Abhinandan returns to Jantar Mantar
-
TV Newsance 348 | NEET protest ya CIA plot? Godi media’s 4-step formula exposed
-
Gen Z is protesting. Here is the economics behind the rage
-
‘Nobody asked us to’: Meet the silent engine of the Jantar Mantar protest
-
The media missed the biggest story: How a generation fed on consumerism and hate found its voice