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269 लोगों ने भरे 15,663 वोटरों के नाम कटवाने के फॉर्म: सोमनाथ में क्या चल रहा है?
गुजरात की सोमनाथ विधानसभा सीट पर इन दिनों फॉर्म-7 की चर्चा चल रही है. एक साथ हजारों की तादात में आए इन फॉर्म्स ने यहां के वोटर्स को चिंता में डाल दिया है. वहीं, चुनाव आयोग के लिए भी एक तरह का अलार्म बजाया है.
फॉर्म-7 तब भरा जाता है, जब कोई शख्स किसी का नाम वोटर लिस्ट से हटवाना चाहता है. फिर इलेक्शन कमीशन तय करता है कि नाम हटाया जाए या नहीं.
चुनाव आयोग को मतदाता सूची से नाम हटवाने के लिए 15,663 फॉर्म-7 मिले हैं. हमें पुख्ता सूत्रों से ये भी पता चला कि इनमें से ज्यादातर नाम मुस्लिम मतदाताओं के हैं.
अब आपके मन में सवाल आ सकता है कि ज्यादातर मुसलमान ही क्यों हैं? इसका जवाब तो हमें भी नहीं पता लेकिन जो पता है वो ये कि ये फॉर्म मात्र 269 लोगों के नाम से भरे गए हैं.
इतना ही नहीं जिस तरीके से ये फॉर्म भरे गए हैं, उस पर भी कुछ लोगों ने सवाल उठाए हैं. पूर्व चुनाव आयुक्तों का मानना है कि फॉर्म भरने का यह तरीका वोट हटवाने की एक ‘संगठित कोशिश’ की ओर इशारा करता है.
सोमनाथ के डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑफिसर वीएन उपाध्याय का कहना है कि उन्होंने वेरिफिकेशन के लिए छह एक्स्ट्रा ईआरओ लगाए है और किसी भी नाम को ‘मनमाने ढंग से नहीं हटाया जाएगा.
आपके मन में अब तक सवाल उठ रहा होगा कि आखिर ये 269 लोग कौन हैं? क्या इनमें किसी खास राजनीतिक पार्टी के लोग भी हैं? और क्या सच में इन्हीं लोगों ने ये ऑब्जेक्शन फॉर्म भरे हैं? और जिन लोगों के नाम ऑब्जेक्शन आया है, उनका क्या कहना है?
ऐसे ही कुछ सवालों के जवाब आपको मेरी इस रिपोर्ट में मिलेंगे. जो कि एसआईआर से जुड़े कई और सवालों के जवाब भी देती है. साथ ही यह भी बताती है कि इसमें और क्या-क्या गड़बड़ हो सकती है?
तो देर किस बात की. आज ही यह रिपोर्ट पढ़ डालिए. यह रिपोर्ट खास हमारे सबस्क्राइबर्स के लिए उपलब्ध है. अगर आपने अब तक हमारा सब्स्क्रिप्शन नहीं लिया है तो आज ही ले लीजिए और स्वतंत्र पत्रकारिता के हाथ मजबूत कीजिए ताकि हम ऐसी ही और रिपोर्ट आप तक ला सकें.
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