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एनएल चर्चा 282: संसद का विशेष सत्र और अडाणी समूह की हेराफेरी के नए सबूत
इस हफ्ते चर्चा में बातचीत के मुख्य विषय केंद्र सरकार द्वारा संसद का विशेष सत्र बुलाए जाने की घोषणा, ओसीसीआरपी की रिपोर्ट- जिसमें अडाणी समूह द्वारा शेयरों में हेरफेर और भारतीय नियामक सेबी के कार्रवाई न करने के नए सबूत सामने आए आदि रहे. इसके अलावा देश के अलग-अलग हिस्सों के स्कूलों से सामने आ रही मजहबी नफरत की घटनाओं और फैक्ट चेकर मोहम्मद ज़ुबैर पर एफआईआर को लेकर भी चर्चा हुई. चीन सरकार द्वारा जारी नए ‘मानक मानचित्र’ में भारत के अरुणाचल का कुछ हिस्सा शामिल किए जाने को लेकर भी चर्चा में शामिल लोगों ने अपनी बात रखी.
हफ्ते की अन्य ख़बरों में विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की मुंबई में तीसरी बैठक, कर्नाटक सरकार ने पूरा किया महिलाओं को हर महीने 2,000 रुपये देने का चुनावी वादा, केंद्र सरकार ने 200 रुपये प्रति सिलेंडर घटाई एलपीजी की क़ीमत और पिछली तिमाही (अप्रैल-जून) में भारत ने सकल घरेलू उत्पाद में दर्ज की 7.8 प्रतिशत की रिकॉर्ड दर से बढ़ोतरी आदि मुद्दे भी शामिल रहे.
इनके अलावा उत्तर प्रदेश में दलित लड़के के साथ प्रेम प्रसंग के चलते भाई द्वारा नाबालिग बहन की हत्या, मध्य प्रदेश में यौन उत्पीड़न मामले को वापस लेने से इंकार करने पर दलित व्यक्ति को पीट-पीटकर मार डालना और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के एक दलित प्रोफेसर द्वारा अपने दो सहयोगियों एवं छात्रों पर मारपीट के आरोपों ने भी हफ्तेभर में लोगों का ध्यान खींचा.
चर्चा में इस हफ्ते वरिष्ठ पत्रकार प्रमोद जोशी और गिरिजेश वशिष्ठ शामिल हुए. इसके अलावा न्यूज़लॉन्ड्री टीम से विकास जांगड़ा ने भी चर्चा में भाग लिया. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के कार्यकारी संपादक अतुल चौरसिया ने किया.
चर्चा की शुरूआत करते हुए अतुल सवाल करते हैं, “हाल ही में संसद का मानसून सत्र समाप्त हुआ है.अब केंद्र सरकार ने विशेष सत्र बुलाने की घोषणा की है. इस वक्त संसद का विशेष सत्र बुलाने का क्या मकसद हो सकता है? ”
इस सवाल के जवाब में प्रमोद जोशी कहते हैं, “ जब सरकार एजेंडा घोषित करेगी या विशेष सत्र की शुरूआत होगी तब इसके बारे में पता चलेगा लेकिन इससे पहले भी 2010 में अन्ना हजारे आंदोलन के समय विशेष सत्र बुलाया गया था. जिसमें भ्रष्टाचार के खिलाफ कानून बनाने का संकल्प पास किया गया था. दुःख की बात यह है कि बीते मानसून सत्र में किसी भी मुद्दे पर ठीक से बहस नहीं हुई. हालांकि, उम्मीद करता हूं कि इस बार किसी महत्वपूर्ण मुद्दे पर बात करने के लिए सत्र बुलाया गया हो. वैसे कुछ लोगों को ये भी लगता है कि ये इंडिया गठबंधन की बैठकों को मीडिया से गायब करने की सरकार की एक मुहिम है.”
इस विषय पर विचार रखते हुए गिरिजेश कहते हैं, “राजनीति में सब कुछ टाइमिंग का खेल होता है. हाल ही में हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद ओसीसीआरपी ने भी रिपोर्ट जारी की है. रिपोर्ट में अडाणी समूह पर ‘शेयरों में हेरफेर’ के आरोप लगे हैं. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में चुनाव हैं. कई सर्वे और ऑपिनियन पोल से पता चलता है कि इन राज्यों में भाजपा की स्थिति ठीक नहीं है. ऐसे में साफ है कि केंद्र सरकार ज़रूरी मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के क़दम उठा रही है.”
ओसीसीआरपी की रिपोर्ट और अन्य मुद्दों पर विस्तार से जानने के लिए सुनिए पूरी चर्चा.
टाइम कोड
00ः00 - 04:49 - इंट्रो व हेडलाइन
04:50 - 15:20 - संसद का विशेष सत्र
15:45 - 37:00 - नफरत की पाठशाला
37:01 - 57:20 - अन्य सुर्खियां
57:25 - 01:20:08 - ओसीसीआरपी की रिपोर्ट
01:20:08 - सलाह और सुझाव
पत्रकारों की राय क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए
प्रमोदी जोशी
पत्रकार नीरजा चौधरी की किताबः हाउ प्राइम मिनिस्टर्स डिसाइड
डाo भीमराव आंबेडकर की किताबः एनिहिलेशन ऑफ कास्ट
मनोज मित्ता की किताबः कास्ट प्राइड
माइकल संदेल की किताबः व्हाट मनी कैन्ट बाई
गिरिजेश वशिष्ठ
भीष्म साहनी की किताबः तमस
विकास जांगड़ा
पाकिस्तानी फिल्मः ज़िंदगी तमाशा
अतुल चौरसिया
अडाणी समूह की हेराफेरी पर ओसीसीआरपी की रिपोर्ट
न्यूज़लॉन्ड्री पॉडकास्टः लेट्स टॉक अबाउट इरफ़ान
ट्रांसक्रिप्शन: नाज़िर हुसैन / तस्नीम फातिमा
प्रोड्यूसरः चंचल गुप्ता / आशीष आनंद
एडिटर: उमराव सिंह
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