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बुराड़ी हिंदू महापंचायत: दिल्ली पुलिस चली ढाई महीने में ढाई कदम
इसी साल तीन अप्रैल को दिल्ली के बुराड़ी मैदान में हिंदू महापंचायत का आयोजन किया गया था. इसका आयोजन प्रीत सिंह नामक हिंदूवादी कार्यकर्ता ने किया था. इनके संगठन का नाम है सेव इंडिया फाउंडेशन. कार्यक्रम में दादरी स्थित डासना मंदिर के महंत नरसिंहानंद सरस्वती और सुदर्शन न्यूज़ के प्रबंध निदेशक और एडिटर-इन-चीफ सुरेश चह्वाणके बतौर मुख्य अथिति मौजूद थे. कार्यक्रम की कवरेज के लिए कई चैनलों के पत्रकार मौके पर पहुंचे थे. इस दौरान कुछ पत्रकारों के साथ बदसलूकी और हाथापाई हुई थी. घटना का वीडियो न्यूज़लॉन्ड्री के पास है जिसे पुलिस को आगे की कार्रवाई के लिए दिया गया था. हालांकि मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है.
इस मामले में मुखर्जी नगर थाने में तीन एफआईआर दर्ज हुई थी. पहली एफआईआर पुलिस ने बिना इजाजत के बुराड़ी मैदान में कार्यक्रम का आयोजन करने के कारण प्रीत सिंह के खिलाफ दर्ज की थी. दूसरी एफआईआर कार्यक्रम में मौजूद पत्रकारों के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार के खिलाफ दर्ज की गई. वहीं तीसरी एफआईआर सोशल मीडिया पर गलत सूचना (अभद्र भाषा) फैलाने के लिए दर्ज की गई थी.
इस मामले को दो महीने से अधिक समय बीत गया है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. न्यूज़लॉन्ड्री ने मामले में हो रही जांच की मौजूदा स्थिति जानने का प्रयास किया. इसके लिए हमने मामले से जुड़े अधिकारियों से बात की. पुलिस जांच अधिकारी (आईओ) गरिमा ने बताया, "अभी जांच आगे नहीं बढ़ पाई है. पत्रकारों के साथ वीडियो में जो आदमी हाथापाई करते दिखाई दे रहे हैं उनकी अभी तक पहचान नहीं की जा सकी है. वे लोग जब इनका नाम बताएंगे तब उनकी गिरफ्तारी भी हो जाएगी."
वहीं दूसरी एफआईआर के आईओ अशोक कुमार कहते हैं, "पत्रकारों से बातचीत हो गई है. हम वीडियो में आदमियों को पहचानने की कोशिश कर रहे हैं."
इस मामले में हमने ऩर्थवेस्ट दिल्ली की डीसीपी उषा रंगनानी से भी बात करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने हमारी कॉल का जवाब नहीं दिया है.
इस बीच मई महीने में प्रीत सिंह की पत्नी ने उन पर बलात्कार का आरोप लगाया था और इसके बाद से प्रीत सिंह फरार चल रहा है. न्यूज़लॉन्ड्री से बातचीत में प्रीत सिंह की पत्नी ने यह जानकारी दी थी.
पत्रकारों पर हुए हमले की शुरुआती जांच के दौरान पुलिस ने कुछ नामों की लिस्ट तैयार की थी जिसमें प्रीत सिंह, सुरेश चव्हाणके, नीरज चोपड़ा, नरसिंहानंद सरस्वती के नाम शामिल थे. लेकिन इनके नाम एफआईआर में दर्ज नहीं थे.
क्या है पूरा मामला?
सेव इंडिया फाउंडेशन ने पिछले साल 8 अगस्त को भी दिल्ली के जंतर मंतर पर इसी तरह का आयोजन कराया था. उस समय इन लोगों ने मुस्लिम विरोधी नारेबाजी की थी. जिसके बाद प्रीत सिंह समेत अन्य आयोजकों पिंकी चौधरी और नारेबाजी करने वाले मुख्य आरोपी उत्तम उपाध्याय की गिरफ्तारी हुई थी, लेकिन कुछ दिन बाद ही सभी जमानत पर बाहर आ गए.
इसी कड़ी में बुराड़ी में हुए दूसरे आयोजन में भी ये सभी लोग मौजूद थे. बुराड़ी हिंदू महापंचायत में यति नरसिंहानंद सरस्वती और सुरेश चह्वाणके बतौर मुख्य अथिति आमंत्रित किए गए थे. गौरतलब है कि हरिद्वार में धर्म संसद के आयोजक यति नरसिंहानंद ने मुस्लिम विरोधी बयानबाजी की थी. इसके बाद इन्हें गिरफ्तार किया गया था. बुराड़ी में उन्होंने स्टेज से कहा, "जिस दिन मुसलमान देश का प्रधानमंत्री बना तो अगले 20 साल में 50 फीसदी हिंदू अपना धर्म बदल चुके होंगे. 40 फीसदी हिंदुओं की हत्या कर दी जाएगी. 10 फीसदी हिंदू अपनी बहन और बेटियां मुसलमानों को दे चुके होंगे. यहीं भविष्य है. अगर तुम इस भविष्य को बदलना चाहते हो तो मर्द बनो. एक मर्द के पास उसके हाथ में हथियार होता है. एक औरत अपने पति के लिए जितने प्यार से मंगलसूत्र पहनती है, वहीं प्रेम पुरुष के अंदर हथियारों के लिए होना चाहिए."
बता दें बुराड़ी में हिंदू महापंचायत के आयोजन की अनुमति नहीं थी. न्यूज़लॉन्ड्री ने 29 जनवरी को इस पर रिपोर्ट की थी. इसके बावजूद भारी पुलिस बल के बीच भी इस कार्यक्रम का आयोजन हुआ जहां पुलिस की मौजूदगी में पत्रकारों पर हमला हुआ था.
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