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एनएल चर्चा 448: अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में ट्रंप की हार और उत्तर भारत में गहराता प्रदूषण
एनएल चर्चा के इस अंक में मुख्य रूप से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लगे झटके और अमेरिकी कांग्रेस में डेमोक्रेटिक पार्टी की बड़ी जीत के साथ मध्यावधि चुनावों के परिणामों, विश्व बैंक की ताजा रिपोर्ट के अनुसार भारत में अत्यधिक गरीबी दर में ऐतिहासिक गिरावट और देश भर में ठंड की आहट के साथ उत्तर भारत में एक बार फिर गहराते वायु प्रदूषण के संकट पर विस्तार से चर्चा की गई.
वहीं, आंतरिक विवाद के 3 महीने बाद चुनाव आयोग द्वारा शीर्ष आईटी अधिकारी की निगरानी बहाल, ओडिशा में बाढ़ राहत कार्य के दौरान भाजपा विधायक द्वारा धमकी दिए जाने के बाद युवा आईएएस अधिकारी हतोत्साहित, प्रमुख ग्रामीण स्वच्छता योजना का विस्तार कर बजट में 7,000 करोड़ रुपये का प्रावधान, 'अपराध' शब्द पर बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की टिप्पणी पर उपजे विवाद, चुनाव आयोग द्वारा 4 और राज्यों तथा 2 केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर की घोषणा, केरल उच्च न्यायालय की टिप्पणी कि 'लोकतंत्र में धरना और भूख हड़ताल का कोई स्थान नहीं है', अग्निवीर योजना में बड़े बदलाव के तहत 75% अग्निवीरों को 2 साल का विस्तार देने और स्थायी सेवा का द्वार खोलने, सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले कि 'मजिस्ट्रेट के समक्ष पेशी की 24 घंटे की अवधि औपचारिक गिरफ्तारी से नहीं बल्कि हिरासत के समय से गिनी जाएगी', सियांग बांध के खिलाफ हिंसक प्रदर्शनों के बाद अरुणाचल प्रदेश को मिला नया डीजीपी और स्ट्रैट ऑफ होर्मुज में ईरान द्वारा भारत और तीन अन्य देशों के जहाजों को पारगमन प्रतिबंधों से छूट देने जैसी ख़बरें भी हफ्ते भर चर्चा में रहीं.
इस हफ्ते चर्चा में बतौर मेहमान 'द हिंदू' के सीनियर असिस्टेंट एडिटर और विदेश मामलों के वरिष्ठ पत्रकार कलोल भट्टाचार्य, 'द माइग्रेशन स्टोरी' की विशेष संवाददाता ऐश्वर्या मोहंती और न्यूज़लॉन्ड्री टीम से वरिष्ठ पत्रकार हृदयेश जोशी और विकास जांगड़ा ने हिस्सा लिया. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के प्रबंध संपादक अतुल चौरसिया ने किया.
चर्चा के दौरान उत्तर भारत में बढ़ते प्रदूषण पर बात करते हुए अतुल कहते हैं, "दिल्ली में प्रदूषण का दौर शुरू हो चुका है, सरकार के दावों के विपरीत कुछ खास बदलाव प्रदूषण के स्तर में नज़र नहीं आ रहा है, एक्यूआई में भी बढ़ोत्तरी हुई है जो अब 400 से 450 तक पहुंच गया है.”
इस विषय पर हृदयेश कहते हैं, “अभी दिल्ली में दो कारणों से प्रदूषण हुआ है, एक तो दशहरे के बाद लोकल लेवल पर प्रदूषण बढ़ा है लेकिन सिर्फ उसको दोष नहीं दे सकते, पराली के मामले हरियाणा और दिल्ली में कम हुए हैं उसके बावजूद 2026 में अभी तक कुल 2300 से ऊपर पराली जलाई गई हैं जिसमें ज़्यादातर पंजाब के इलाक़े से हैं. लेकिन हम बात को पराली या पटाखों तक सीमित नहीं कर सकते, पराली केवल पांच या छः हफ्ते की समस्या है.”
आखिर दिल्ली और उत्तर भारत के प्रदूषण की असल वजह क्या है?
सुनिए पूरी चर्चा -
टाइमकोड्स:
00:00 - इंट्रो और ज़रूरी सूचना
5:07 - सुर्खियां
10:20 - बिहार के मुख्यमंत्री का बयान
23:09 - बढ़ता प्रदूषण का स्तर
42:17 - भारत की गरीबी की दर में गिरावट
52:35 - अमेरिका के मध्यावधि चुनाव
01:20:27 - सब्सक्राइबर्स के पत्र
01:25:59 - सलाह और सुझाव
नोट: चर्चा में अपने पत्र भेजने के लिए यहां क्लिक करें.
पत्रकारों की राय-क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए
ऐश्वर्या मोहंती
लेख - ‘My telephone number is 25240’
हृदयेश जोशी
फिल्म - पायर
किताब - लेटर्स फॉर अ नेशन
कल्लोल भट्टाचार्य
किताब - अ बंच ऑफ़ ओल्ड लेटर्स
वेबसाइट - nehruarchives.in
विकास जांगड़ा
नागार्जुन की कविता - अकाल और उसके बाद
अतुल चौरसिया
डॉक्यूमेंट्री - न्यूरेम्बर्ग
चर्चा में पिछले सप्ताह देखने, पढ़ने और सुनने के लिए किसने क्या सुझाव दिए, उसके लिए यहां क्लिक करें.
ट्रांसक्रिप्शन: तस्नीम फातिमा
प्रोडक्शन : हसन बिलाल
संपादन: हसन बिलाल
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