NL Charcha
एनएल चर्चा 445: पत्रकारों और प्रदर्शनकारियों की धरपकड़ के बीच एंटी-SIR आंदोलन का भविष्य, क्या एक मंच पर आ पाएगा विपक्ष?
एनएल चर्चा के इस अंक में मुख्य रूप से स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों, दिल्ली पुलिस द्वारा मीडिया कवरेज के दौरान 30 से अधिक पत्रकारों की गिरफ्तारी व पुलिसिया दमन और विपक्ष द्वारा 'वोट चोरी' के खिलाफ एकजुट होकर आंदोलन करने पर विस्तार से चर्चा की गई. इसके साथ ही कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में आयोजित 'तिरंगा मार्च', गृह मंत्री अमित शाह द्वारा राहुल गांधी पर 'घुसपैठियों को बचाने' का आरोप, और अभिनेता इमरान खान को मुंबई छोड़ने के पुलिसिया नोटिस पर भी विस्तृत बातचीत हुई.
वहीं, बिहार के वैशाली जिले में गंडक-गंगा नदी में नाव पलटने से 13 बच्चों की मौत, मेरठ के चर्चित 'ब्लू ड्रम' हत्याकांड में अदालत द्वारा पत्नी और प्रेमी को फांसी की सजा, केंद्रीय राज्य मंत्री एल. मुरुगन का इस्तीफा, भारत-चीन व्यापार घाटा पहली बार 100 अरब डॉलर के पार पहुंचना, एयर इंडिया की फ्रैंकफर्ट-दिल्ली फ्लाइट में 'हाइजैक 7500' कोड के कारण जयपुर डायवर्जन का भ्रम, मध्य प्रदेश के सिवनी जिला अस्पताल में 6 महीने के भीतर 80 नवजातों की मौत पर बवाल और बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना द्वारा ब्रिक्स सम्मेलन में न जाने पर अंतरिम सरकार के फैसले की आलोचना आदि ख़बरें भी हफ्ते भर चर्चा में रहे.
इस हफ्ते न्यूज़लॉन्ड्री टीम से अवधेश कुमार, अनमोल प्रितम और आकांख्या राउत ने चर्चा में हिस्सा लिया. चर्चा का संचालन वरिष्ठ पत्रकार हृदयेश जोशी और न्यूज़लॉन्ड्री की प्रमुख संपादक मनीषा पांडे ने किया.
चर्चा की शुरुआत करते हुए मनीषा कहती हैं, “10 अक्टूबर को जो प्रोटेस्ट की योजना थी वह तो सफल नहीं हो पाती है लेकिन हम पहली बार दिल्ली में इतनी फ़ोर्स देखते हैं और शाम होते होते सात हज़ार लोग हिरासत में ले लिए जाते हैं जिसमें 30 पत्रकार थे. पत्रकारों के लिए हिरासत नई बात नहीं है लेकिन इतने बड़े पैमाने पर और धड़ल्ले से लोगों को डिटेन किया गया यह पहली बार शायद दिल्ली में हुआ होगा.”
इस विषय पर अनमोल कहते हैं, “20 जुलाई वाला जो प्रोटेस्ट था, उस समय भी पत्रकारों को पुलिस की लाठियां पड़ी थीं लेकिन वह यह था कि पुलिस प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई कर रही है कोई बीच में पड़ गया लेकिन पत्रकारों को टारगेट करके नहीं मारा गया. इसके विपरीत 10 अक्टूबर बार वाली कार्रवाई अलग थी सुबह से ही पुलिस ने तय कर दिया था कि मीडिया यहीं से कवर करेगी और यह बेहद मुश्किल था उन पत्रकारों के लिए जो मोबाइल से शूट कर रहे थे. साथ ही सुरक्षा बलों को स्पष्ट निर्देश थे कि कोई भी बीच में आए तो उसे हिरासत में ले लिया जाए चाहे वह कोई यूट्यूबर हो, इन्फ्लुएंसर हो या पत्रकार.”
सुनिए पूरी चर्चा -
टाइमकोड्स:
00:00 - इंट्रो और ज़रूरी सूचना
5:56 - सुर्खियां
07:45 - CJP और इस आंदोलन का भविष्य
42:56 - कांग्रेस का प्रदर्शन
01:1:37 - मीडिया की भूमिका
01:25:33 - सलाह और सुझाव
नोट: चर्चा में अपने पत्र भेजने के लिए यहां क्लिक करें.
पत्रकारों की राय-क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए
मनीषा पांडे
न्यूज़लॉन्ड्री की रिपोर्ट्स यूट्यूब पर देखें
हृदयेश जोशी
न्यूज़लॉन्ड्री की रिपोर्ट्स यूट्यूब पर देखें
लेख - अर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इज़ कैप्टिलज़िम्स फाइनल डेस्टिनेशन
अनमोल प्रितम
प्रोटेस्ट से जुड़ी रिपोर्ट्स यूट्यूब पर देखें
कहानी - प्रजावादी समाजवाद
आकांख्या रॉउत
किताब - फीस्ट ऑफ़ वल्चर
अवधेश कुमार
रिपोर्ट - लाठी वाली गाड़ी का सच: कनॉट प्लेस में गुंडागर्दी करने वाले चेहरे
चर्चा में पिछले सप्ताह देखने, पढ़ने और सुनने के लिए किसने क्या सुझाव दिए, उसके लिए यहां क्लिक करें.
ट्रांसक्रिप्शन: तस्नीम फातिमा
प्रोडक्शन : हसन बिलाल
संपादन: हसन बिलाल
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