Ground Report Videos
‘सीटी मारते और मास्टरबेट करते हैं’: आस्था कुंज की घटना के बाद एलएसआर की छात्राओं ने सुनाए डरावने अनुभव
21 सितंबर को दक्षिण दिल्ली के आस्था कुंज पार्क में तीन लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर 17 साल की नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया. घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया और लेडी श्रीराम कॉलेज (एलएसआर) के पिछले दरवाजे से करीब 50 मीटर दूर एनकाउंटर के बाद उन्हें पकड़ लिया. फिलहाल, उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
घटना के बाद सुरक्षा को लेकर एलएसआर की छात्राओं ने कॉलेज के आसपास के हालात और अपने अनुभव साझा किए. छात्राओं ने बताया कि कॉलेज के गेट के बाहर उन्हें लगातार अश्लील हरकतों का सामना करना पड़ता है. साथ ही उन पर फब्तियां कसी जाती हैं. एक छात्रा ने बताया कि कई बार लोग उन्हें देखकर अश्लील हरकते कर रहे होते हैं.
घटना के बाद एलएसआर ने दो दिनों तक कॉलेज में कक्षाएं स्थगित कर इन्हें ऑनलाइन आयोजि किया. वहीं, दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने शाम के बाद पार्कों में प्रवेश को लेकर दिशानिर्देश जारी किए.
लेकिन जब हमने शाम के वक्त आस्था कुंज पार्क और एलएसआर के उसी पिछले दरवाजे वाले इलाके का जायजा लिया तो कई जगहों पर अंधेरा और सुरक्षा से जुड़े सवाल अब भी नजर आए.
आस्था कुंज की घटना के बाद एलएसआर की छात्राओं ने दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा और सार्वजनिक जगहों पर उनकी आवाजाही को लेकर क्या कुछ कहा. देखिए हमारी ये खास रिपोर्ट.
आपने हमें 'दिमागी नक्सल' कहा, हमने सोचा क्यों न इसे ही अपना मर्च बना लिया जाए. क्योंकि अगर सवाल पूछना, सत्ता से जवाब मांगना, तथ्यों को परखना और हर बात को आंख बंद करके मानने से इनकार करना 'दिमागी नक्सल' होना है, तो इस लेबल से हमें कोई शिकायत नहीं. आप भी इस सवाल पूछने वाली बिरादरी का हिस्सा बनिए. हमारी पत्रकारिता को सपोर्ट कीजिए, दिमाग लगाइए, सवाल पूछिए और इस इल्ज़ाम को कॉम्प्लिमेंट की तरह पहनिए. क्योंकि लेबल आते-जाते रहते हैं, सवाल टिके रहते हैं.
Also Read
-
What this Diwali should teach the Indian retail investor
-
How a trust close to BJP got five elephants from Assam for Tamil Nadu temples
-
Censorship, arrests, internet shutdown, PR campaign: How Arunachal is trying to control the Siang dam narrative
-
Uttarakhand SIR: 2,700+ names deleted in Gadarpur on objections filed by poll officers after the deadline
-
Shrinking reach, silent bans: Inside Instagram’s surge in content restrictions