नितिन गडकरी और अतुल चौरसिया की तस्वीर.
NL Tippani

मिस्टर इंडिया मोदी सरकार, ई20 का घनचक्कर और कॉकरोचों की भूख हड़ताल 

भारत बहुत तेजी से सोने की चिड़िया बनता जा रहा है. सुनहरा पुराना दौर लौट रहा है. भले ही राजे-महाराजे चले गए हों, राजतंत्र खत्म हो गया हो, लेकिन शौक़? शौक़ तो अमरबेल है, जिस पर हमारे मोदी जी सवार हैं. शायद ही किसी और मुल्क का नेता अपने स्वागत का पूरा लवाजमा अपने साथ लेकर चलता हो. वे कोई ऐसे-वैसे प्रधानमंत्री तो हैं नहीं, बल्कि दिग्विजय यात्रा पर निकले चक्रवर्ती सम्राट हैं.

दूसरी तरफ़ E20 और एथनॉल का बवाल बढ़ता जा रहा है. सरकार ने जनता की गाड़ियों में ऐसा गन्ना डाला है कि पुर्जे-पुर्जे से जूस निकल रहा है. लेकिन हमारे 'गन्ना किंग' नितिन गडकरी जी यह मानने को ही तैयार नहीं हैं कि एथनॉल की चाशनी ने गाड़ियों का हाजमा खराब कर दिया है.

जंतर-मंतर पर युवा कॉकरोच बैठे हुए हैं. सोनम वांगचुक भी भूख हड़ताल पर हैं, लेकिन सरकार का रवैया "मरो तो अपनी बला से मरो" वाला है. 

अंत में बात उस रहस्य की, जिसके आगे बर्मूडा ट्रायंगल और एलियंस के वजूद का सस्पेंस भी पानी भरता नज़र आता है. हम बात कर रहे हैं मोदी सरकार के भीतर चलने वाले 'मिस्टर इंडिया' शो की, जहां रसूखदार और ताकतवर लोग अचानक स्क्रीन से ऐसे छूमंतर होकर गायब कर दिए जाते हैं, मानो उनका कभी कोई वजूद था ही नहीं.

देखिए, टिप्पणी का यह खास एपिसोड.

Also Read: मोदी, मज़दूर और महिला आरक्षण के बीच मीडिया का डॉग शो

Also Read: चापलूसी चलीसा, ईरानी थाली, ईएमआई वाली और न्यूज़क्लिक की बातें