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दिल्ली हाईकोर्ट ने सिद्धार्थ वरदराजन पर अपना फैसला वापस लिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने पत्रकार सिद्धार्थ वरदराजन को लेकर अपने पहले के आदेश को वापस ले लिया है. इस आदेश में केंद्र सरकार द्वारा उनका ओसीई कार्ड देने से इनकार करने के फैसले को रद्द किया गया था. मालूम हो कि यह भारत के प्रवासियों के लिए नागरिकता का प्रमाण होता है.
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत ने गुरुवार को वरदराजन को फटकार लगाते हुए कहा कि उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश को “छुपाया”, जिसमें उन्हें बिना अनुमति देश छोड़ने से रोका गया था. कोर्ट ने उन्हें नोटिस जारी कर एक हफ्ते के भीतर जवाब मांगा है. अदालत ने कहा, “इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं.”
यह मामला वरदराजन की विदेश यात्रा की अनुमति से जुड़ी याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया.
द वायर के संस्थापक संपादकों में शामिल वरदराजन ने 2022 में अपने भारतीय मूल निवासी (पीआईओ) कार्ड को भारत के प्रवासी नागरिक (ओसीआी) कार्ड में बदलने के लिए आवेदन किया था. गृह मंत्रालय ने चार साल से अधिक समय तक आवेदन लंबित रखने के बाद 2 अप्रैल को एक पंक्ति के ईमेल के जरिए इसे खारिज कर दिया था. हालांकि, ईमेल में कोई कारण नहीं बताया गया था.
मंगलवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने गृह मंत्रालय के इस फैसले को रद्द करते हुए कहा था कि “विवादित आदेश में यह नहीं बताया गया कि आवेदन को अनुकूल रूप से क्यों नहीं माना गया.”
हालांकि अदालत ने वरदराजन की एस्टोनिया यात्रा की अनुमति पर फैसला सुरक्षित रखा था. वह 15 से 17 मई के बीच एस्टोनिया में होने वाले एक सम्मेलन में शामिल होना चाहते हैं.
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