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‘तुम बिहारियों ने लूट मचा रखी है..’ इकलौता कमाने वाला था दिल्ली पुलिस कॉन्स्टेबल की गोली का शिकार हुआ पांडव कुमार
एक तरफ दिल्ली पुलिस की नजर में वह वह होनहार सिपाही था, तो दूसरी तरफ वह एक ऐसा हमलावर जिसने नशे में चूर होकर बिना किसी उकसावे के ट्रिगर दबा दिया. नीरज के दोस्त उसे 'मिलनसार' बताते हैं, लेकिन उस रात उसकी मिलनसारिता गाली-गलौज और जानलेवा हमले में तब्दील हो गई थी. इस कहानी के दो पहलू हैं: एक विभाग का 'पसंदीदा' सिपाही और दूसरा, अपने परिवार का इकलौता सहारा खो चुका एक बेबस पिता.
मामला बीते 25 अप्रैल का है. जब दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल में तैनात कॉन्स्टेबल नीरज ने प्रवासी मजदूर पांडव को गोली मार दी. बताया जा है कि इस वह नशे में धुत था और वह कथित तौर पर युवकों के बिहार से होने से चिढ़ गया था.
इस हमले में पांडव की जान चली गई. वह जोमैटो डिलीवरी बॉय का काम करता था. जबकि उसके साथी किशन का अस्पताल में इलाज चल रहा है.
मृतक पांडव के परिवार में माता-पिता के अलावा उनका छोटा भाई विकास कुमार, एक बड़ी बहन और एक छोटी बहन की बेटी (भान्जी) है. उनकी छोटी बहन की मौत हो चुकी है.
पांडव के चचेरे भाई राहुल न्यूज़लॉन्ड्री से कहते है, "घर में वह अकेला ही कमाने वाला था. भाई विकास को टीबी की बीमारी है और इसके चलते उसकी पढ़ाई भी छूट गई है. 10वीं की पढ़ाई के बाद पांडव 2008-09 में दिल्ली आ गया था. उनका परिवार बिहार के खगड़िया जिले का रहने वाला है.”
पांडव का परिवार घटना के बाद से ही घर के बाहर धरने पर बैठा है. उनकी मांग है कि मृतक के परिवार को एक नौकरी, एक करोड़ रुपये और आरोपी को फांसी की सजा दी जाए.
राहुल कहते हैं, "घर पर काफी लोगों का आना जाना लगा है. हम मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मिलने भी गए. लेकिन, कोई मदद नहीं मिली."
जन्मदिन मना कर घर लौटने की तैयारी में था पांडव
इस मामले में 26 अप्रैल को आरोपी कॉन्स्टेबल नीरज के खिलाफ जिला द्वारका के जाफरपुर कलां में एफआईआर दर्ज की गई.
न्यूज़लॉन्ड्री के पास मौजूद एफआईआर के मुताबिक, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1)/109(1) और आर्म्स एक्ट 1959 की धारा 25/27 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. एफआईआर पांडव के दोस्त रुपेश कुमार द्वारा दर्ज कराई गई है. रुपेश पेशे से इलेक्ट्रीशियन हैं.
रुपेश ने बताया कि 25 अप्रैल को उनके बेटे अभिनव का जन्मदिन था. पांडव के अलावा किशन पटेल, कृष्ण, छोटू और दीपक भी आए थे. यह सभी बिहार के एक ही गांव के रहने वाले हैं. देर रात तक पार्टी चली.
रुपेश न्यूज़लॉन्ड्री से कहते हैं, "पांडव जोमैटो में डिलिवरी बॉय का काम करता है तो उसे जानकारी थी कि कैसे कैब बुक होती है. इसलिए हमने उससे कैब बुक कराई थी. कैब में मेरे भाई भैया और उनके बच्चे जाने वाले थे. जब कैब वाले का पांडव को फोन आया तो हम उन्हें छोड़ने गली के बाहर गए. पांडव को भी अपने घर वापस जाना था. कैब के जाने के बाद ये लोग भी जाने की तैयारी मे थे. ये अपनी स्कूटी और बाइक पर बैठे थे और बात करने लगे. तभी सामने वाले घर से कॉन्स्टेबल नीरज आया और वहां खड़े होने की वजह पूछने लगा. वह नशे में धुत था. उसने कहा कि तुम बिहारी यहां क्या कर रहे हो. इस पर मेरे एक दोस्त ने कहा कि रुपेश यहीं रहते हैं, इनका गली में ही घर है. इस पर वह और ज्यादा भड़क गया और कहने लगा कि यहां तुमने लूट मचा रखी है. तुमने अपना घर भी बना लिया यहां. मेरे पास तो घर भी नहीं है."
रुपेश आगे कहते हैं, "इस बातचीत के दौरान कॉन्स्टेबल नीरज ने कहा कि चल कोई नहीं, मेरे पास घर नहीं है तो ये 6 लाख की पिस्टल तो है. इससे तुम्हारा हिसाब हो जाएगा. जैसे ही उसने पिस्टल निकाली तो स्कूटी पर सवार तीनों दोस्त डर गए और वहां से भाग गए. इसके बाद नीरज ने पिस्टल लोड करके पांडव को सटा कर गोली मार दी. जो उसके शरीर को पार करते हुए पीछे बैठे किशन के पेट में जा धसीं. गोली चलने की आवाज सुनकर स्कूटी वाले दोस्त भी वापस आ गए. इसके बाद हम दोनों को राव तुला अस्पताल लेकर गए, जहां पांडव को मृत घोषित कर दिया और किशन का इलाज चल रहा है."
शराब पीने के सवाल पर वह कहते हैं, “हममें से किसी ने भी शराब नहीं पी हुई थी.”
‘शराब के नशे में नीरज ने चलाई गोली’
उधर, हमने घटना के आरोपी के बारे में जानने के लिए पड़ताल शुरू की. इस दौरान हमारी मुलाकात नीरज के दोस्त दीपक से हुई. वह एक प्रॉपर्टी डीलर हैं. दीपक बताते हैं कि नीरज वैसे तो हरियाणा के रोहतक जिले के रहने वाले हैं लेकिन 15- 20 साल से उनके साथ ही रहते थे. बीच-बीच में रोहतक जाते थे. उनके परिवार में मां- बाप के अलावा पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं.
हालांकि, दीपक उनके परिवार से बात कराने से मना कर देते हैं. वह कहते हैं, "जो हूं मैं ही हूं, मैं ही उसका परिवार हूं. मुझे उसका बड़ा भाई ही समझिए क्योंकि वे मेरे साथ ही रहते थे. परिवार में इस बारे में कोई बात नहीं करेगा, जो करना है मैं ही करूंगा."
उस दिन का जिक्र करते हुए दीपक कहते हैं, "यह घटना रात करीब दो बजे की है. कुछ देर पहले ही नीरज ड्यूटी से घर लौटा था. उसने शराब पी हुई थी. घर के बाहर कुछ युवक शोर-शराबा कर रहे थे. नीरज को लगा कि शायद कोई बदमाश है, हमारा इलाका भी कुछ अपराधिक तत्वों का है. ऐसे में वह अपनी सेफ्टी के चलते सरकारी पिस्टल साथ लेकर घर के बाहर आ गया और थोड़ी कहासुनी के बाद उससे गोली चल गई."
दीपक दावा करते हैं कि गोली जान पूछकर नहीं चलाई है बल्कि शराब के नशे में गलती से चली है. वह जोड़ते हैं कि शराब उन 6-7 युवकों ने भी पी हुई थी. वह किसी जन्मदिन की पार्टी से आ रहे थे. हालांकि, उनकी कोई गलती नहीं है.
दीपक बताते हैं कि बीते 6 साल से ज्यादा वक्त से नीरज स्पेशल सेल में है. वारदात की वजह बताते हुए वह कहते हैं, "घर के बाहर 6-7 लड़के थे. इनके पास स्कूटी और एक बाइक थी. जो 3 लड़के स्कूटी पर थे, उन्होंने नीरज के बाहर आने पर अपनी स्कूटी भगा दी. नीरज को लगा कि कोई अपराधी है. इसके बाद बचे युवकों से बातचीत के दौरान उनसे गोली चल गई.”
दीपक दावा करते हैं कि नीरज ने घटना के बाद जाफरपुर कलां थाने में सरेंडर कर दिया. हालांकि, थाने के एसएचओ बहादुर सिंह गुलिया कहते हैं कि नीरज को गिरफ्तार किया गया है.
नीरज की तारीफ में वह कहते हैं, “उसने डिपार्टमेंट की ओर से बहुत सारे बदमाश पकड़ रखे हैं. वह विभाग के पसंदीदा सदस्यों में से एक है. उसे अच्छे काम के चलते विभाग की ओर से 2-3 बार इनाम भी मिले हैं.”
दीपक कहते हैं कि चूंकि वह स्पेशल सेल में काम करता था तो उसका पाला भी हमेशा बदमाशों से ही पड़ता था. जब से सेल में आए हैं, उस पर एक दो बार हमला करने की भी कोशिश हुई है.
हम आरोपी नीरज के साकेत स्थित दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के दफ्तर भी पहुंचे. यहां हमारी मुलाकात अमित नाम के हेड कॉन्स्टेबल से हुई. वह कहते हैं, “यहां सभी हैरान हैं. वह काफी मिलनसार और अच्छा था. हमारी उनसे रोज ही दुआ सलाम होती थी. लेकिन ऐसा वह करेगा कभी सोचा नहीं था.”
नीरज के एक अन्य सहकर्मी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा, “बहुत हैरानी हो रही है कि नीरज ने ऐसा किया है. वह अच्छा लड़का था. उसका काम भी अच्छा था, अधिकारी भी उससे खुश रहते थे. लेकिन अभी की घटना से सभी हैरान हैं.”
इस घटना के बारे में जाफरपुर कलां के एसएचओ बहादुर सिंह गुलिया कहते हैं, “रोड पर 7-8 लड़के खड़े होकर लड़े शोर-शराबा कर रहे थे. नीरज ने शराब पी हुई थी, वह अपने कमरे से बाहर आया और कुछ कहासुनी के बाद गोली मार दी. फिलहाल, आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है.”
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