Khabar Baazi
एनडीटीवी में फिर छाये छंटनी के बादल, पुराने रिपोर्टर और एंकर्स समेत करीब 100 को मिला नोटिस
वॉशिंगटन पोस्ट में पत्रकारों की छंटनी का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि गौतम अडानी के स्वामित्व वाले न्यूज़ चैनल एनडीटीवी से भी कर्मचारियों को निकाले जाने की खबरें सामने आ रही हैं. हालांकि, ऐसे कर्मचारियों की सटीक संख्या अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन एनडीटीवी के कई कर्मचारियों ने बताया है कि ऐसे कर्मचारियों का आंकड़ा करीब 100 के आसपास है. जिसमें रिपोर्टिंग और एंकरिंग टीम के सदस्यों के अलावा कैमरा पर्सन, हिंदी और अंग्रेजी डेस्क, कुछ टीमों के हेड और पीसीआर के लोगों को भी नोटिस दिया गया है.
न्यूज़लॉन्ड्री को मिली जानकारी के मुताबिक, एचआर विभाग द्वारा कर्मचारियों को इस फैसले की सूचना देने वाले ई-मेल भेजे जा रहे हैं. न्यूज़लॉन्ड्री के पास ऐसे ही ईमेल की प्रति मौजूद है. जिसमें कहा गया है कि संबंधित कर्मचारी अपेक्षा के अनुरूप परफॉर्म नहीं कर रहे हैं. जिसकी वजह से टीम पर असर पड़ रहा है. आगे कहा गया है कि कर्मचारी तुरंत अपने टीम लीडर और डिपार्टमेंट हेड से बात करें और इस ईमेल को एक चेतावनी समझे. आगे चेतावनी के रूप में लिखा है कि अगर कर्मचारी की परफॉर्मेंस में सुधार नहीं दिखता और वह डिपार्टमेंट हेड या एचआर विभाग को इसकी पुष्टि नहीं करते, तो उनकी नौकरी जारी रखने के बारे में विचार किया जा सकता है. हमें पता चला कि ऐसा ईमेल पाने वाले कर्मचारियों को 5 से 10 मार्च के बीच का समय दिया गया है.
कंपनी की भाषा में कहें तो इन लोगों को ‘प्रदर्शन सुधार योजना’ (पीआईपी) में डाला गया है. एक वरिष्ठ कर्मचारी के अनुसार, “पीआईपी का मतलब ही होता है कि आपकी नौकरी जाने वाली है. बीते साल अप्रेज़ल से पहले अप्रैल महीने में तकरीबन सौ के करीब कर्मचारियों को पीआईपी में रखा गया और आगे चलकर उनमें से कई लोगों की नौकरियां चली गईं थी.”
गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है, जब एनडीटीवी से कर्मचारियों की छंटनी हुई हो. अडानी ग्रुप ने दिसंबर, 2022 में एनडीटीवी के संस्थापकों प्रणय रॉय और राधिका रॉय से उनकी बड़ी हिस्सेदारी खरीदकर चैनल पर नियंत्रण हासिल किया था. इसके बाद वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार समेत कई लोगों ने इस्तीफा दे दिया. आगे भी लंबे समय से एनडीटीवी में काम कर रहे कर्मचारियों के इस्तीफों का सिलसिला जारी रहा.
अप्रैल, 2025 में भी ऐसा ही जारी रहा. तब कमर्चारियों ने न्यूज़लॉन्ड्री को बताया था कि पुराने एनडीटीवी (प्रणव राय के समय को पुराना एनडीटीवी बोला जाता है) से जुड़े कर्मचारियों को ही नौकरी से हटाया गया था और इस बार भी ऐसा ही होता नजर आ रहा है. हालांकि, इसबार कुछ नए कर्मचारियों को हटाने की बात सामने आ रही हैं. ये नए कर्मचारी भी संजय पुगलिया के समय में एनडीटीवी से जुड़े थे.
न्यूज़लॉन्ड्री ने इसको लेकर एनडीटीवी के एचआर विभाग को ईमेल भेजा है. हमने उन्हें विस्तार से सवाल किया लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया है.
बीते पच्चीस सालों ने ख़बरें पढ़ने के हमारे तरीके को बदल दिया है, लेकिन इस मूल सत्य को नहीं बदला है कि लोकतंत्र को विज्ञापनदाताओं और सत्ता से मुक्त प्रेस की ज़रूरत है. एनएल-टीएनएम को सब्स्क्राइब करें और उस स्वतंत्रता की रक्षा में मदद करें.
Also Read
-
Indore school holds annual day separately. One for Muslim students. Another for Hindu students
-
Tirupati laddu row: What the SIT report finally says
-
BJP govt said Delhi logged 200 ‘clean’ days in 2025. So why did this winter feel this bad?
-
Newslaundry turns 14! Celebrate with our new campaign
-
Hafta 575: The Naravane book row, WaPo layoffs, and TM Krishna on ‘making democracy a culture’