NL Tippani
‘मोहम्मद दीपक’ से सहमे, निर्मलाजी की साड़ी पर अटके बजट के उड़नछल्ले
सोशल मीडिया उत्तराखंड के ‘मोहम्मद दीपक’ के नाम से उबल रहा है, लेकिन वहां की महान पुलिस ने आरोपियों पर कार्रवाई करने की बजाय मोहम्मद दीपक के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज कर ली है, उसका कथित अपराध बस इतना है कि उसने एक बुज़ुर्ग मुस्लिम दुकानदार को बजरंग दल के गुंडों की दबंगई का शिकार होने से बचाया था.
दूसरी तरफ देश के उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता का अवसर दिलाने के लिए आए यूजीसी के नए नियमों को लेकर भी बवाल मचा है. जो इस बिल को बर्दाश्त नहीं कर पाए उन्होंने बेसिर पैर के तर्क दिए. इसे लेकर यूनिवर्सिटी में छात्रों और टीवी स्टूडियो में हुड़कचुल्लू एंकर एंकराओं ने जमकर जातिवादी ज़हर उगला. चैनलों के हुड़कचुल्लुओं ने हिंदुओं के ऊपर मंडरा रहे सारे खतरे को सवर्णों पर शिफ्ट कर दिया.
इस बीच आर्थिक सर्वे 2026-27 और निर्मला सीतारमण जी के बजट भाषण ने भी अपनी जगह बनाई. लेकिन मीडिया ने बजट से ज्यादा चर्चा निर्मला जी की कांजीवरम साड़ी पर की.
देखिए इस हफ्ते की टिप्पणी.
Also Read: गणतंत्र के शोर में बर्बाद बनारस और गंगा
Also Read
-
4 tests, 1 question: Did SIR shape Bengal outcome?
-
East India’s Hindutva turn may fuel a new era of India-Bangladesh hostility
-
Congress-DMK split: How Rahul-Stalin bonhomie collapsed over Vijay’s rise
-
Press freedom index puts focus on newsrooms telling India’s hardest stories
-
Beyond anti-incumbency: What Kerala’s verdict says about the LDF