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इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रों में यूजीसी के नियमों पर फैली नाराज़गी और उलझन की ग्राउंड रियलिटी
13 जनवरी को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की ओर से जारी किए समता के संवर्धन नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है. मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी.
उच्च शिक्षण संस्थानों में समता को बढ़ावा देने वाले नियमों को लेकर जिस तरह से सवर्ण समाज के लोगों का आक्रोश फूटा, इस बेचैनी को समझने के लिए हमने इलाहाबाद विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों से बात की. यूनिवर्सिटी परिसर में छात्रों द्वारा आयोजित पक्ष तथा विपक्ष दोनों ही तरह के प्रदर्शन देखने को मिले.
'सवर्ण समाज' के बैनर तले संगठित छात्रों को जहां पीड़ित की परिभाषा से समस्या है, वहीं अनुसूचित तथा पिछड़े वर्ग से आने वालों छात्रों में समता समिति की संगठनात्मक संरचना को लेकर विरोधाभास हैं.
इस मुद्दे पर हो रही बहसबाज़ी के बीच क्या शोषित वर्ग के असली हितों की अनदेखी की जा रही है? जानने के लिए देखिये आकांक्षा कुमार की ये ग्राउंड रिपोर्ट.
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