Video
शहर बढ़ा, नदी घटी: गंगुआ कैसे बनी भुवनेश्वर की गटर लाइन?
गंगुआ, जिसे गंगाबाती के नाम से भी जाना जाता है, कभी एक महत्वपूर्ण और पुरानी नदी हुआ करती थी. लेकिन आज इसकी हालत बेहद खराब हो चुकी है. गंगुआ एक महत्वपूर्ण शहरी जल स्रोत है, जिसकी उत्पत्ति चंदका वन क्षेत्र से होती है. यह भुवनेश्वर से दक्षिण-पूर्व की ओर बहते हुए लगभग 45 किलोमीटर की दूरी तय कर दया नदी में मिलती है. आगे चलकर दया नदी चिलिका झील से जुड़ती है, जो अपने समृद्ध इकोसिस्टम और बायोडायवर्सिटी के लिए जानी जाती है, बहुत लोग इस पर निर्भर करते हैं.
इतिहास में गंगुआ का महत्व रहा है, लेकिन तेज़ शहरीकरण और खराब कचरा प्रबंधन ने इस नदी को गंभीर संकट में डाल दिया है. जब हमारी टीम ने पटिया क्षेत्र के पास गंगुआ का दौरा किया तो देखा कि लोग खुलेआम नदी में कचरा और गंदा पानी फेंक रहे थे. वहां की दुर्गंध इतनी तेज़ थी कि दस मिनट से अधिक खड़ा रहना मुश्किल था.
ओडिशा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की 2024 की एक शोध रिपोर्ट के अनुसार, गंगुआ अब शहर का कचरा ढोने वाला नाला बन चुकी है. रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि शहरीकरण के बढ़ते दबाव के कारण लगभग 103.43 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र से खुले नालों का सीवेज और औद्योगिक कचरा गंगुआ नदी में गिर रहा है.
ओडिशा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी वॉटर क्वालिटी बुलेटिन के अनुसार, जहां बीओडी (बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड) का मानक स्तर 3 होना चाहिए, वहीं गंगुआ में यह में यह 8 तक दर्ज किया गया है. वाटर क्वालिटी इंडेक्स के अनुसार, इस स्थान की स्थिति काफी खराब है.
गंगुआ के पुनरुद्धार को लेकर कई उच्च-स्तरीय बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन ज़मीनी स्तर पर अब तक कोई ठोस बदलाव दिखाई नहीं दे रहा है.
गंगुआ को लेकर हमने पर्यावरण के मुद्दों पर काम करने वाले निहार रंजन आचार्य, नुआगांव, निवासी और ट्रस्ट संगठन के संस्थापक से बात की. उनका कहना है, “क्योंकि यह नदी सीधे तौर पर समुद्र से जुड़ी हुई है, इसलिए इसका प्रदूषण धीरे-धीरे आगे फैलता जा रहा है. यह जिस-जिस जल स्रोत से जुड़ता है, उसे किसी न किसी रूप में प्रदूषित करता है. इसलिए इस बारे में जल्द ही कोई कदम उठाया जाना जरूरी है.”
देखिए हमारी यह खास रिपोर्ट.
Also Read
-
At least 75 dead, 7 lakh displaced: The making of Assam’s annual ‘unprecedented’ flood
-
July 20 crackdown: One DCP approved pellets, another authorised firearms
-
Delhi Police owns the stone-laden truck after NL report. But their lawyer linked it to protesters in HC
-
As cops target ‘offensive’ posts, Jantar Mantar reportage and reels are disappearing
-
As DU reopens, students decode ‘thinly veiled threats’ and Jantar Mantar protests