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दिल्ली: लाल किले के पास धमाके के बाद चारों तरफ अफरा-तफरी और दहशत का माहौल, अब तक 12 की मौत
“मैं अपने ठेले पर ग्राहकों को लिट्टी-चोखा बेच रहा था. अचानक एक ज़ोरदार धमाका हुआ. ठेले की छत गिर गई… हम भी ठेले पर ही गिर गए.. हमारे ठेले पर एक बैनर लगा था वो भी हमारे ऊपर आ गिरा.. हम तुरंत ठेला छोड़कर भागे..” लाल किले के पास हुए धमाके को याद करते हुए अपेंद्र कुमार यादव यही सब बताते हैं. जब धमाका हुआ तो वह लाल किले के पास अपने ठेले पर थे और वो खौफनाक मंजर उन्होंने अपनी आंखों से देखा.
जानकारी के मुताबिक, सोमवार शाम एक कार में अचानक से विस्फोट हो गया. इस विस्फोट में अब तक कम से कम 12 लोगों की मौत हो चुकी है और 20 से ज़्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं. दिल्ली पुलिस ने इस मामले में गैरकानूनी गतिविधि (निवारण) अधिनियम (यूएपीए) के अलावा भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है. हालांकि, धमाके के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है. वहीं, इस बीच लाल क़िला परिसर गुरुवार तक आम जनता के लिए बंद कर दिया गया है.
हादसे का बाद जानकारी देते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बताया कि शाम को 7 बजे ह्यूंडई आई20 कार में ये धमाका हुआ.
यादव ने हादसे को याद करते हुए बताया, “हम सब अपनी जान बचाकर भागे. इलाका बहुत ज़्यादा भीड़भाड़ वाला था. मैंने चार-पांच गाड़ियों को आग की लपटों में घिरते देखा. कुछ लोगों के शव सड़क पर पड़े थे और कई जगह शरीर के टुकड़े बिखरे हुए थे. पूरा माहौल अफरातफरी से भर गया था. मेरे दो कर्मचारी घायल हो गए हैं. हमारा सारा सामान वहीं पड़ा है. हम लोगों की मदद करने के लिए वापस आए हैं.”
प्रत्यक्षदर्शियों ने धमाके की आवाज़ को “बिजली कड़कने जैसी” बताया. धमाके से आसपास की स्ट्रीटलाइटें फ्यूज़ हो गईं, मेट्रो एंट्री गेट के शीशे टूट गए और मलबा करीब 150 मीटर दूर तक जा गिरा. विक्की, जो विस्फोट स्थल से लगभग 300 मीटर दूर रहते हैं, उन्होंने न्यूज़लॉन्ड्री को बताया कि उन्हें अपने घर के अंदर झटका महसूस हुआ और धमाके की आवाज़ सुनाई दी. ऐसा लगा जैसे भूकंप आया हो.
एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने न्यूज़लॉन्ड्री को बताया कि चूंकि लाल क़िला सोमवार को पर्यटकों के लिए बंद रहता है, इसलिए अगर उस दिन आम लोगों की आवाजाही होती, तो जान-माल का नुकसान कहीं ज़्यादा बड़ा हो सकता था.
वहीं, दूसरी तरफ धमाके से कुछ घंटे पहले, जम्मू-कश्मीर और हरियाणा पुलिस ने हरियाणा के फरीदाबाद में दो रिहायशी इमारतों से लगभग 3,000 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री बरामद की थी. इस ज़खीरे में करीब 350 किलो अमोनियम नाइट्रेट शामिल है. जो वैसे तो खाद के रूप में होता है लेकिन इसका इस्तेमाल शक्तिशाली विस्फोटक बनाने में भी किया जा सकता है. यह बरामदगी जम्मू-कश्मीर के एक डॉक्टर द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर की गई थी.
धमाके में इस्तेमाल की गई कार को लेकर भी कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में पुलवामा के एक कश्मीरी डॉक्टर से संभावित संबंधों का ज़िक्र किया गया है. जब डीसीपी नॉर्थ राजा बंथिया से कार के रूट के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने मंगलवार को कहा, “जांच अभी बहुत शुरुआती चरण में है...इस पर कुछ भी कहना इस वक़्त जल्दबाज़ी होगी.”
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाके के बाद कम से कम छह अन्य वाहन भी आग की चपेट में आ गए. मौके पर कई फायर टेंडर भेजे गए, जिन्होंने आग पर काबू पाया. बम निरोधक दस्ते, फॉरेंसिक विभाग और दिल्ली पुलिस की टीमों ने पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी है.
वहीं, इस हादसे में घायल 20 से अधिक लोगों को दिल्ली के एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया. इनमें से नौ लोगों को अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत घोषित कर दिया गया, जबकि कई अन्य की हालत गंभीर बताई जा रही है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विस्फोट के बाद गृहमंत्री अमित शाह से बातचीत की. उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “दिल्ली में आज शाम हुए विस्फोट में अपने प्रियजनों को खोने वालों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं. घायल लोग जल्द स्वस्थ हों, यही कामना है. प्रभावितों को प्रशासन की ओर से हर संभव सहायता दी जा रही है. गृहमंत्री अमित शाह जी और अन्य अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की है.”
गृहमंत्री अमित शाह ने मंगलवार को धमाके की जगह और एलएनजेपी अस्पताल — दोनों का दौरा किया. उन्होंने कहा कि जांच के सभी पहलुओं पर काम किया जा रहा है और किसी भी संभावना को नज़रअंदाज़ नहीं किया जाएगा.
वहीं, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी एलएनजेपी अस्पताल पहुंचीं, जहां उन्होंने धमाके में घायल लोगों से मुलाकात की और उनके इलाज की स्थिति का जायज़ा लिया.
धमाके के बाद राजधानी दिल्ली को हाई अलर्ट पर रखा गया है. पड़ोसी राज्यों और बड़े शहरों की पुलिस को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं. दिल्ली मेट्रो, लाल क़िला, सरकारी इमारतें और आईजीआई एयरपोर्ट जैसे सीआईएसएफ-सुरक्षित प्रतिष्ठानों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.
दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है.
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