Ground Report
एनडीए का मेनिफेस्टो: 60 सेकंड की प्रेस कॉन्फ्रेंस में 60 वादे और नड्डा की रैली
चुनावी पर्व के इस मौसम में बिहार में गहमागहमी जारी है. राजनीतिक दल चुनावी वादों की झड़ी लगा रहे हैं तो जनता आज भी शिक्षा, रोज़गार और विकास की आस में इन वादों में सच्चाई तलाश रहे हैं. इसी बीच शनिवार को एनडीए ने अपना घोषणा पत्र भी जारी कर दिया. दिलचस्प बात यह है कि प्रेस कांफ्रेंस में एनडीए को पांच सालों के वादे गिनाने में महज़ 60 सेकंड का समय लगा.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, चिराग पासवान, सम्राट चौधरी, संजय कुमार झा समेत एनडीए की पूरी शीर्ष नेतृत्व वाली यह प्रेस कॉन्फ्रेंस सिर्फ 60 सेकंड में खत्म हो गई. इसकी वजह बताई जा रही है मोकामा में जनसुराज पार्टी के कार्यकर्ता दुलारचंद यादव की हत्या का मामला, जिसमें बाहुबली नेता अनंत सिंह पर आरोप लगे हैं. इसी विवाद के चलते प्रेस कॉन्फ्रेंस को जल्दी-जल्दी निपटाया गया.
घोषणा पत्र में एनडीए ने मुफ्त राशन, बिजली और इलाज समेत किसानों को प्रतिवर्ष नौ हजार रुपये देने का वादा किया गया है. साथ ही एक करोड़ से अधिक नौकरी और रोजगार देने का भी वादा किया गया है.
एक मिनट की प्रेस कांफ्रेंस के बाद जेपी नड्डा ने विक्रम विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी के उम्मीदवार सौरभ सुमन के पक्ष में विशाल जनसभा की. इसमें चिराग पासवान भी मौजूद रहे. जनसभा को संबोधित करते हुए चिराग और नड्डा ने लालू यादव के परिवारवाद की जमकर आलोचना की और जंगलराज को कोसा.
इस रैली में बड़ी संख्या में लोगों के साथ महिलाएं भी शामिल हुईं.
बातचीत में महिलाओं ने बताया कि रोज़गार का संकट यहां की सबसे बड़ी समस्या है. अधिकतर लोगों को रोज़गार की तलाश में अपना घर छोड़कर गुजरात, राजस्थान, तमिलनाडु जैसे राज्यों में जाना पड़ता है. एक महिला ने कहा, “चुनाव में तो सब कहते हैं कि बिहार ही में हम कंपनी खोलेंगे कारखाना खोलेंगे, अबतक तो ऐसा नहीं हुआ लेकिन अब लग रहा है कि हो जाएगा.”
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