Khabar Baazi
महाराष्ट्र चुनाव: राहुल बोले ‘वोट चोरी’, फडणवीस का जवाब, ‘झूठ बोले कौआ काटे’ पर चुनाव आयोग चुप
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राहुल गांधी पर ‘अंधेरे में तीर चलाने’ का आरोप लगाया है. राहुल गांधी ने 2024 के महाराष्ट्र चुनावों से जुड़ी न्यूज़लॉन्ड्री की खोजी रिपोर्ट साझा करते हुए ‘वोट चोरी’ की बात कही थी.
न्यूज़लॉन्ड्री ने अपनी जांच में पाया कि नागपुर पश्चिम निर्वाचन क्षेत्र जहां से फडणवीस ने चुनाव लड़ा, वहां 2024 के लोकसभा चुनाव और महाराष्ट्र चुनावों के बीच 29,219 नए मतदाता जोड़े गए. रिपोर्ट में सबसे अधिक वृद्धि दर वाले कुछ बूथों के बूथ स्तर के अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि चुनाव आयोग के अपने दिशा-निर्देशों के अनुसार जांच में चूक हुई है.
गौरतलब है कि गांधी पिछले साल से महाराष्ट्र में ‘धांधली’ का आरोप लगा रहे हैं. न्यूज़लॉन्ड्री की रिपोर्ट साझा करते हुए राहुल ने चुनाव आयोग पर ‘चुप रहने या मिलीभगत’ करने का आरोप लगाया और ‘मशीन द्वारा पढ़ी जा सकने वाली डिजिटल मतदाता सूची और सीसीटीवी फुटेज को तुरंत जारी करने’ की मांग की.
इस विवाद के बीच, महाराष्ट्र और हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों ने बयान जारी कर दोहराया कि मतदाता सूचियां पारदर्शी तरीके से तैयार की जाती हैं और सभी दलों के साथ साझा की जाती हैं.
मतदाता सूची पर चुनाव आयोग के मैनुअल में पर्यवेक्षण और जांच वाले खंड में यह निर्दिष्ट किया गया है कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी को राज्य भर में मतदाता सूचियों की जांच, पहचाने गए विचलन और सुधारात्मक कार्रवाई के बारे में विस्तृत रिपोर्ट देनी होगी. साथ ही ‘नामावली संशोधन प्रक्रिया के दौरान की गई जांच और पर्यवेक्षण का लेखा-जोखा’ भी देना होगा.
न्यूज़लॉन्ड्री ने महाराष्ट्र के सीईओ और चुनाव आयोग से इन जांचों के दस्तावेजी सबूतों के बारे में पूछा था. यह देखना बाकी है कि आरोपों के पैमाने को देखते हुए चुनाव आयोग और सीईओ ‘विस्तृत रिपोर्ट’ को सार्वजनिक डोमेन में रखेंगे या नहीं.
फडणवीस ने गांधी के ट्वीट के जवाब में दावा किया कि कांग्रेस ने कई निर्वाचन क्षेत्रों में जीत हासिल की है, जहां लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच मतदाताओं की संख्या में 8 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है.
विधानसभा परिणामों पर डाटा साझा करते हुए फडणवीस ने कहा, “महाराष्ट्र में ऐसे 25 से अधिक चुनाव क्षेत्र है जहां 8% से अधिक मतदाता लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बीच बढ़े हैं और कई जगह कांग्रेस जीती है.”
फडणवीस ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘मेरे दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र से लगे पश्चिम नागपुर चुनाव क्षेत्र में 7% मतदाता (27,065) बढ़े और वहां कांग्रेस के उम्मीदवार विकास ठाकरे चुनाव जीते. उत्तर नागपुर में 7% (29,348) मतदाता बढ़े और कांग्रेस से नितिन राऊत जीते. पुणे जिले में वड़गांव शेरी में 10% (50,911) मतदाता बढ़े और शरद पवार गुट के बापूसाहेब पठारे जीते, मालाड पश्चिम में 11% (38,625) मतदाता बढ़े और आपके कांग्रेस पार्टी के अस्लम शेख जीते. मुंब्रा में 9% (46,041) मतदाता बढ़े और शरद पवार गुट के जितेंद्र आव्हाड जीते.’
उन्होंने आगे लिखा, “सहयोगी दलों से भले ही नहीं, लेकिन अपनी ही पार्टी के अस्लम शेख, विकास ठाकरे, नितिन राऊत जैसे पुराने सहयोगीयों से, इस ट्वीट से पहले एक बार बात कर लेते, तो अच्छा होता. कम से कम कांग्रेस में संवाद के अभाव का इतना बुरा प्रदर्शन नहीं होता…”
उल्लेखनीय है कि अक्टूबर 2024 में कांग्रेस ने हरियाणा विधानसभा चुनाव में ईवीएम से छेड़छाड़ का आरोप लगाया, जिसे चुनाव आयोग ने खारिज कर दिया. गांधी द्वारा चुनाव आयोग पर 2024 में महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में ‘औद्योगिक पैमाने पर धांधली’ का आरोप लगाने के चार महीने बाद, चुनाव आयोग ने 7 जून को दावों को ‘निराधार’ करार दिया. उसी दिन, विपक्ष के नेता ने मतदाता सूची में हेरफेर के अपने आरोपों को दोहराते हुए द इंडियन एक्सप्रेस में एक लेख लिखा था. फडणवीस ने भी उसी प्रकाशन के लिए एक लेख लिखा, जिसमें गांधी के आरोपों का खंडन किया गया. चुनाव आयोग ने 12 जून को गांधी को पत्र लिखकर उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों पर ‘उन्हें चुनाव आयोग से बातचीत करने के लिए आमंत्रित किया’.
भ्रामक और गलत सूचनाओं के इस दौर में आपको ऐसी खबरों की ज़रूरत है जो तथ्यपरक और भरोसेमंद हों. न्यूज़लॉन्ड्री को सब्सक्राइब करें और हमारी भरोसेमंद पत्रकारिता का आनंद लें.
Also Read
-
65°C on the ground: Delhi’s bus stops are turning into heat traps
-
‘Getting panic attacks’: College deadlines loom with students trapped in CBSE chaos
-
Blacklisted, family in debt, out on bail: The human cost for workers a month after Noida crackdown
-
Behind CBSE’s Class 12 evaluation contract, a trail of unanswered questions
-
25 cases in 3 years: The anti-conversion law problem Congress refuses to fix in Karnataka