NL Tippani
वनतारा के अंगने में डंकापति का परफॉर्मेंस और धरपकड़ न्यूज़
धृतराष्ट्र गाढ़ी ठंडई सबेरे-सबेरे छक कर दरबार में आए थे. एक गायिका फगुआ गा रही थी. मोहब्बत में छूकर सजन मुझे फाग कर दो, लगाकर रंग गालों पर मुझे आबाद कर दो. भांग की पिनक में धृतराष्ट्र दोगुने उत्साह से वाह-वाह कर उठे. इसे देख दरबारी और संजय अवाक उनकी ओर ताकने लगे.
बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ तब खुलासा हुआ कि उम्र और अनुभव के साथ डंकापति के शौक का दायरा भी बढ़ गया है. अब वो मगरमच्छ के बच्चे से आगे बढ़ गए हैं. अब वो शेर, बाघ, अजगर, बिच्छू और विषखोपड़ों से खेलने लगे हैं. यह सुनकर धृतराष्ट्र की जो प्रतिक्रिया थी उसके लिए आप यह टिप्पणी देखें. होली की शुभकामनाएं.
Also Read
-
The sacred geography they bulldozed: How Modi’s vision erased Kashi
-
Your Instagram reel is now ‘news’ — and the Govt wants to censor it
-
One-sided and conspiratorial: How Indian media keeps getting Myanmar wrong
-
Locked doors, dry taps, bidis and bottles: The ‘World City’ facade of Delhi’s toilets
-
I-T dept cracked down on non-profits with a law that didn’t apply. Tribunals kept saying no