Khabar Baazi
दो दिन से लापता पत्रकार मुकेश चंद्राकर का सेप्टिक टैंक से शव बरामद
1 जनवरी यानि बीते दो दिन से लापता छत्तीसगढ़ के स्थानीय पत्रकार मुकेश चंद्राकर का आज शव बरामद हुआ.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, एक स्थानीय ठेकेदार के घर के पास बने सेप्टिक टैंक में उनका शव मिला. पुलिस का कहना है कि यह ठेकेदार चंद्राकर द्वारा की गई एक ख़बर को लेकर नाराज था. पुलिस के मुताबिक, ये सही है कि मामले में शक की सूई ठेकेदार पर है लेकिन चंद्राकर की मौत से उसका कोई संबंध है या नहीं ये अभी जांच का विषय है. एनडीटीवी राजस्थान की रिपोर्ट के मुताबिक, मामले में वांछित ठेकेदार अभी फरार है.
मुकेश चंद्राकर, बस्तर जंक्शन नाम से एक स्थानीय यूट्यूब चैनल चलाते थे. इससे पहले वह एनडीटीवी समेत कई बड़े मीडिया संस्थानों के साथ भी काम कर चुके हैं.
गौरतलब है कि शव बरामद होने से कुछ घंटे पहले ही मुकेश चंद्राकर के भाई चैनल पर एक वीडियो अपलोड किया था, जिसमें उन्हें ढूंढने के लिए मदद मांगी गई थी.
वीडियो में उनके भाई का चेहरा नहीं दिख रहा लेकिन आवाज सुनी जा सकती है. वह कहते हैं, "मेरा भाई एक असली हीरो है. मुझे आज ऐसा नहीं लगता कि मैं उसका बड़ा भाई हूं. ऐसा लगता है कि मैंने आज एक बच्चे को खो दिया है."
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बीजापुर पुलिस ने पत्रकार की तलाश के लिए एक विशेष टीम बनाई थी और पाया कि चंद्राकर द्वारा की गई एक ख़बर से एक स्थानीय ठेकेदार नाराज था.
ठेकेदार के परिसर की तलाशी के दौरान पुलिस को उसके घर के पास बने सेप्टिक टैंक में शव मिला. ठेकेदार मुख्य संदिग्ध है, लेकिन उसकी भूमिका अभी तक पता नहीं चल पाई है.
चंद्राकर ने इससे पहले बीजापुर में स्वास्थ्य सुविधाओं और माओवादी हिंसा पर रिपोर्ट की थी. चैनल पर उनका आखिरी वीडियो 11 दिन पहले पब्लिश हुआ था, जो माओवादियों द्वारा किए गए अपहरण और हत्या के बारे में था.
Also Read
-
‘Will AI replace me?’: Anxiety grips tech workers amid mass layoffs, slowing recruitment
-
In memory of Raghu Rai: A legendary lens on Indira Gandhi and Emergency
-
‘Joined politics for justice’ | RG Kar victim’s mother on the campaign trail
-
नोएडा हिंसा मामले में पत्रकार सत्यम वर्मा की गिरफ्तारी की आलोचना, जानबूझ कर निशाना बनाने के आरोप
-
Cops arrest Lucknow journalist for Noida violence ‘conspiracy’, activists point to ‘witch-hunt’