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एनएल चर्चा 351: बस यादों में रह गए मनमोहन सिंह और साल 2024
न्यूज़लॉन्ड्री हिंदी के साप्ताहिक पॉडकास्ट एनएल चर्चा का ये साल का आखिरी एपिसोड है. इसे और खास बनाने के लिए इस बार हमारे प्रिय श्रोता भी जुड़े. चर्चा में शामिल मेहमानों ने मुद्दों पर तो बात की ही साथ ही श्रोताओं के सवालों और पत्रों का भी जवाब दिया.
इस हफ्ते चर्चा में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन और सालभर की महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाओं पर बातचीत हुई.
इसके अलावा पाकिस्तान का अफ़ग़ानिस्तान पर हवाई हमला, लॉटरी किंग मार्टिन की ईडी द्वारा ज़ब्त डिवाइसेज़ का डाटा कॉपी करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट की रोक, खजुराहों में पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा तीन नदियों को जोड़ने वाले प्रोजेक्ट का शिलान्यास, मनु भाकर का नाम राष्ट्रीय पुरस्कारों की सूची में शामिल नहीं होने, दिल्ली पुलिस का दावा- अवैध रूप से दिल्ली में रहने वाले बांग्लादेशियों की हुई पहचान और दिल्ली सरकार द्वारा स्कूलों में पढ़ने वाले अवैध बांग्लादेशियों के बच्चों की पहचान कर सूची तैयारी करने के निर्देश जैसी ख़बरें भी चर्चा का विषय रहीं.
इस बार चर्चा में आपके प्रिय और शो के नियमित होस्ट अतुल चौरसिया के अलावा बतौर मेहमान वरिष्ठ पत्रकार स्मिता शर्मा और हृदयेश जोशी शामिल हुए. न्यूज़लॉन्ड्री टीम से शार्दूल कात्यायन ने भाग लिया.
चर्चा की शुरुआत करते हुए अतुल कहते हैं, “मनमोहन सिंह को याद करने की बहुत सारी वजहें हैं. हिन्दुस्तान की राजनीति और समाज का महत्वपूर्ण एक पड़ाव 90 का दशक है. एक तरफ मंडल था, मंदिर था और दूसरी तरफ मार्किट. मार्केिट के अगुआ मनमोहन सिंह थे. दूसरा दौर, जब वे दस साल तक प्रधानमंत्री के रूप में काबिज रहे. जिसमें अलग- अलग लोग उन्हें अलग-अलग तरह से देख रहे हैं.”
मनमोहन सिंह को लेकर हृदयेश जोशी कहते हैं, “भारत का जो आर्थिक परिदृश्य है उसमें उनकी छाप थी. 1991 आते-आते वे एक बहुत ही पके हुए प्रशासक बन चुके थे. भले उन्हें एक एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर कहा जाने लग लेकिन उन्हें बेहद क़रीब से कवर करने पर मैं कह सकता हूं कि वे एक मंझे हुए राजनेता भी थे.”
सुनिए पूरी चर्चा-
टाइमकोड्स
00:00 - इंट्रो और सुर्खियां
16:40 - प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का सफर
1:08:00 - साल 2024 में हुए राजनीतिक बदलाव
01:22:04- सलाह और सुझाव
पत्रकारों की राय क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए
हृदयेश जोशी
फिल्म - इनसाइड जॉब
मनमोहन सिंह की बायोग्राफी - स्ट्रिक्टली पर्सनल
स्मिता शर्मा
श्याम बेनेगल पर लेख
फिल्म - ब्रेड एंड रोज़ेज़
शार्दूल कात्यायन
फिल्म- सूरज का सातवां घोडा
मानव कौल की किताब - प्रेम कबूतर
फिल्म - द ग्रे
अतुल चौरसिया
श्याम बेनेगल की सीरीज - भारत एक खोज
श्याम बेनेगल की सीरीज- संविधान
ट्रांसक्रिप्शन: तस्नीम फातिमा
प्रोड्यूसर: आशीष आनंद
एडिटिंग: आशीष आनंद
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