NL Tippani
नफ़रती शरलक उर्फ शलभमणि, तीन सनसनी पत्रकार और बालक बाबा की चालबाजी
आज टिप्पणी में हम विस्तार से बात करेंगे इज़राइल, फिलिस्तीन, हमास समेत दीगर अरब मुल्कों के बीच जारी जंग की. लेबनन की खास बात होगी जहां हिज्बुल्ला के मुखिया हसन नसरुल्ला की मौत के बाद लेबनन इस युद्ध का मैदान बन गया है. इजराइली फौजें लेबनन में घुस चुकी हैं.
इस इलाके में इज़राइल की ज्यादतियां हद की मर्यादा को लांघ चुकी हैं. महिलाओं, बच्चों और रिहाइशी इलाकों को जिस बेशर्मी से इजराइल निशाना बना रहा है वह दुनिया के सभ्य समाज की असफलता और शर्मिंदगी का बायस है.
इज़राइल एक गैर जिम्मेदार और हिंसक राष्ट्र की छवि को और पुख्ता करते हुए अब लेबनन में संयुक्त राष्ट्र के शांति स्थापना बलों को भी निशाना बना रहा है. दुनिया तमाशा देख रही है. इसके अलावा हम भारतीय पत्रकारिता के कुछ सनसनी पसंद शलाका पुरुषों पर भी इस हफ्ते विशेष बातचीत करेंगे.
Also Read
-
No entry, no answers, just ‘get lost’: The Opposition’s battle to be heard by Gyanesh Kumar
-
Beyond ‘cleaning’ voter rolls: The digital machinery behind SIR
-
‘A civilisational crisis’: The IISc professor whose AI talk went viral
-
Goa case of 97 voters: One day after Express report, deleted voters asked to submit Form 6
-
How a protest for FIR against ACP ended with an FIR against 17 protesters