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OLA के ग्राहकों की एक ही कहानी- ‘जिंदगी बर्बाद करनी हो तब लेना यह स्कूटर’
बीते हफ्ते कॉमेडियन कुणाल कामरा और ओला के संस्थापक, सीईओ भाविश अग्रवाल ट्विटर पर अपनी बहसबाजी के लिए सुर्खियों में रहे. मामला तब शुरू हुआ जब कामरा ने ओला इलेक्ट्रिक स्कूटर की सर्विस की आलोचना की. उन्होंने एक ओला डीलरशिप के बाहर धूल फांक रहे स्कूटर्स की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, “क्या भारतीय उपभोक्ताओं की कोई आवाज है? क्या वह यह डिजर्व करते है? दो पहिया गाड़ियां बहुत सारे डेलीवेज वर्कर्स की लाइफ लाइन है. क्या भारतीयों को ऐसी ही इलेक्ट्रिक गाड़ियां चलाने को मिलेंगी?”
इस ट्वीट में उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और डिपार्टमेंट ऑफ़ कंस्यूमर अफेयर्स को भी टैग किया. इसके साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि जिसे भी ओला इलेक्ट्रिक से समस्या है, वह अपनी कहानी शेयर करे. कामरा के ट्वीट करते ही बहुत सारे ओला इलेक्ट्रिक यूजर कमेंटस में अपनी समस्याएं बताने लगें.
जिसे देखकर ओला इलेक्ट्रिक के सीईओ भाविश अग्रवाल भड़क गए और उन्होने कामरा के ट्वीट को पेड बताते हुए लिखा, “कुणाल कामरा क्योंकि आपको इतनी चिंता है, इसलिए आप आइए और हमारी मदद कीजिए. आपको जितना पैसा इस पर ट्वीट और अपने असफल कॉमेडी करियर से मिला है, उससे ज्यादा पैसा मैं आपको दूंगा. मदद नहीं कर सकते तो शांति से बैठे रहिए और हमें अपने असल ग्राहकों की समस्याओं पर फोकस करने दीजिए.”
जिसके बाद कामरा और भाविश अग्रवाल के बीच ट्विटर वार छिड़ गया. कुणाल कामरा डेटा, न्यूज रिपोर्ट, लोगों की शिकायतों के जरिए के जरिए ओला की खराब सर्विस को हाइलाइट करते रहे और भाविश अग्रवाल अपनी कंपनी का बचाव करते हुए कामरा के कॉमेडी करियर पर टिप्पणी करते रहे.
इस विवाद के अगले दिन, सोमवार की सुबह ओला इलेक्ट्रिक का शेयर 8.5% गिरकर 90.26 रुपए पर आ गया. वहीं दूसरी ओर एक्स पर हजारों की संख्या में ओला यूजर्स अपनी परेशानियां शेयर करते रहे. इसलिए हमने सोचा कि क्यूं ना ग्राउंड पर जाकर ओला यूजर्स से बात की जाए और हकीकत का पता लगाया जाए. इसके लिए हमने दिल्ली के दो ओला सर्विस सेंटर का दौरा किया.
सबसे पहले हम ओला के सबसे बड़े सर्विस सेंटर मोती नगर पहुंचे. वहां पर हमने देखा कि ओला इलेक्ट्रिक के जितने स्कूटर सर्विस सेंटर के अंदर खड़े हैं उसे कहीं ज्यादा स्कूटर केंद्र के बाहर सड़क पर धूल फांक रहे हैं. हमने कारण पूछा तो पता चला की स्पेयर पार्ट्स की कमी, साफ्टवेयर ग्लिच, बैटरी लाइफ और ओला एस1 सीरीज के फ्रंट संस्पेंशन की समस्याएं और सर्विस में देरी के चलते यह सारे स्कूटर कई महीनो से ऐसे ही खड़े हैं.
वहीं पर खड़े मोहम्मद इरशाद से जब हमने बात की तो उन्होंने बताया कि ओला इलेक्ट्रिक सीरीज का पहला स्कूटर ओला एस1 करीब 15 महीने पहले खरीदा था. लेकिन खरीदने के कुछ महीनों बाद से ही स्कूटर का फ्रंट सस्पेंशन खराब हो गया. जिसे ठीक करवाने के लिए वह पिछले 6 महीने से सर्विस सेंटर के चक्कर काट रहे हैं लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकला.
कुछ ऐसी ही कहानियां कई और ग्राहकों ने हमें बताई. देखिए हमारी ये रिपोर्ट.
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