Khabar Baazi
रोज़नामचा: हल्द्वानी में हिंसा, किसानों का दिल्ली कूच और सरकार का श्वेत पत्र
हिंदी के प्रमुख अखबारों ने आज एक नहीं बल्कि अलग-अलग ख़बरों को पहली सुर्खी बनाया है. किसी ने हलद्वानी में हिंसा तो किसी ने किसानों के दिल्ली कूच को पहली सुर्खी बनाया है. वहीं, कुछ अखबारों ने नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा कांग्रेस के कार्यकाल पर श्वेत पत्र तो कांग्रेस द्वारा मोदी सरकार के कार्यकाल पर काला पत्र लाए जाने को पहली सुर्खी बनाया है.
आइए आज के प्रमुख अखबारों की अन्य सुर्खियों पर भी एक नज़र डालते हैं. लेकिन उससे पहले अगर आप रोज़नामचा को अपने ई-मेल पर पाना चाहते हैं तो यहां क्लिक करें.
हिंदुस्तान अख़बार ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा में किसानों के आंदोलन को पहली सुर्खी बनाया है. ख़बर के मुताबिक, बड़ी दर पर मुआवजा, नई आवास नीति समेत अन्य मांगों को लेकर किसानों ने नोएडा विकास प्राधिकरण के खिलाफ अपने आंदोलन के 60वें दिन गुरुवार को दिल्ली कूच कर दिया. उनके साथ उनके परिवारों की महिलाएं भी थीं. इसके चलते दिल्ली बॉर्डर पर लंबा जाम लग गया. सुबह से लेकर देर शाम तक लोग जाम से जूझते रहे. किसानों का पुलिस से कई बार टकराव भी हुआ.
केंद्र सरकार द्वारा भारतीय अर्थव्यवस्था पर श्वेत पत्र जारी किए जाने को भी अख़बार ने प्रमुखता दी है. ख़बर के मुताबिक, गुरुवार को सरकार ने श्वेत पत्र जारी कर पूर्व की यूपीए सरकार पर आर्थिक कुप्रबंध के गंभीर आरोप लगाए. इसमें केंद्र ने दावा किया कि उसने बीते दस साल में कड़े फैसले कर देश को बदहाली से बाहर निकला है. सरकार ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार ने विरासत में मिली चुनौतियों पर सफलतापूर्वक काबू पाया है.
इसके अलावा हल्द्वानी में अवैध मदरसा ढहाने पर हिंसा में पिता-पुत्र समेत पांच लोगों की मौत, पिंक लाइन मेट्रो स्टेशन गोकुलपुरी में मेट्रो स्टेशन का छज्जा गिरने से एक की मौत और टीएमसी के बाद आम आदमी पार्टी ने इंडिया गठबंधन से दूरी बनाने के दिए संकेत आदि ख़बरों को भी अख़बार ने पहले पन्ने पर जगह दी है.
दैनिक जागरण अख़बार ने मोदी सरकार द्वारा गुरुवार को संसद में श्वेत पत्र जारी किए जाने को पहली सुर्खी बनाया है. ख़बर के मुताबिक, संप्रग शासनकाल में दुनिया की पांच कमजोर अर्थव्यवस्था में शामिल भारत को दुनिया की शीर्ष अर्थव्यवस्था में शामिल करने के सफर का दावा करते हुए यह श्वेत पत्र जारी किया गया. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 54 पेज का यह श्वेत पत्र लोकसभा में पटल पर रखा. एक फरवरी को अंतरिम बजट पेश करते वक्त उन्होंने इसकी घोषणा की थी. अब इस पर सदन में चर्चा होगी पहले लोकसभा में फिर राज्यसभा में. वहीं, कांग्रेस ने इस श्वेत पत्र के जवाब में भाजपा सरकार की विफलताओं की लंबी फेहरिस्त को स्याह पत्र के रूप में जारी किया.
आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति द्वारा रेपो दर को स्थिर रखने के फैसले को भी अख़बार ने प्रमुखता दी है. ख़बर के मुताबिक, इससे होम लोन, ऑटो लोन व दूसरे तरह के लोन की ब्याज दरें स्थिर रहेंगी. हालांकि, इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि आने वाली कुछ तिमाहियों में ब्याज दरों में राहत मिल सकती है. बीते करीब एक वर्ष से आरबीआई की प्रमुख नीतिगत दर 6.5 प्रतिशत पर स्थिर है.
इसके अलावा सरकार ने भारत-म्यांमार सीमा पर मुक्त आवाजाही रोकी, सुप्रीम कोर्ट ने कोटे के भीतर कोटा प्रदान करने के मुद्दे पर सुनवाई करते हुए कहा- पिछड़े वर्गों को चुनिंदा तरीके से आरक्षण नहीं दे सकते राज्य और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राज्यसभा से सेवानिवृत 60 सदस्यों के विदाई के मौके पर संबोधन आदि ख़बरों को भी अख़बार ने पहले पन्ने पर जगह दी है.
अमर उजाला अख़बार ने हल्द्वानी में अतिक्रमण ढहाने गई पुलिस पर भीड़ के हमले को प्रमुखता से प्रकाशित किया है. ख़बर के मुताबिक, भीड़ ने थाने को आग के हवाले कर दिया और इस दौरान हुई हिंसा में करीब 6 लोगों की मौत हो गई. जिसके बाद इलाके में कर्फ्यू लगा दिया गया है.
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा अर्थव्यवस्था पर श्वेत पत्र जारी किये जाने को भी अख़बार ने प्राथमिकता दी है. ख़बर के मुताबिक, उन्होंने श्वेत पत्र जारी करते हुए कहा कि यूपीए सरकार ने 2014 से पहले विरासत में मिली समृद्ध अर्थव्यवस्था को को दस साल में बर्बाद कर दिया था. राजग सरकार ने यूपीए की छोड़ी चुनौतियों पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया है. बीते दस साल में राजग सरकार ने भारत को सतत उच्च विकास के पथ पर लाने के लिए कड़े फैसले किए हैं. दूसरी तरफ सरकार के श्वेत पत्र से पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुरुवार को 54 पन्नों का काला पत्र जारी करते हुए केंद्र सरकार के दस साल को अन्याय काल बताया.
इसके अलावा दिल्ली में गोकुलपुरी मेट्रो स्टेशन पर प्लेटफॉर्म की दीवार गिरने से एक व्यक्ति की मौत और आरबीआई ने बढ़ाया के केएफएस का दायरा आदि ख़बरों को भी अख़बार ने पहले पन्ने पर जगह दी है.
जनसत्ता अख़बार ने आम चुनाव से पहले संसद के आखिरी सत्र में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा भारतीय अर्थव्यवस्था पर श्वेत पत्र जारी किए जाने को पहली सुर्खी बनाया है. ख़बर के मुताबिक, श्वेत पत्र जारी करते हुए उन्होंने पूर्ववर्ती संप्रग सरकार के आर्थिक क्रियाकलापों की आलोचना की है. सरकार ने कहा कि यूपीए में अर्थव्यवस्था गलत मोड़ पर चली गई थी, जिसे एनडीए सरकार दस वर्षों में सही रास्ते पर ले आई है. वहीं, जवाब में कांग्रेस ने स्याह पत्र जारी करते हुए कहा कि नाकाम सरकार के दस साल में बेरोजगारी चरम पर है.
उत्तर पूर्वी दिल्ली में पिंक लाइन पर गोकुलपुरी मेट्रो स्टेशन का एक हिस्सा ढहने से एक की मौत व चार घायल होने को भी अख़बार ने प्रमुखता दी है, ख़बर के मुताबिक, डीएमआरसी ने मृतक के परिजनों के लिए 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की है. हादसे की सूचना गुरुवार सुबह 11 बजे पुलिस को मिली है. मौके पर पहुंचे बचाव दल ने सभी को मलबे के बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने एक को मृत घोषित कर दिया.
इसके अलावा हल्द्वानी में उपद्रवियों पर पुलिस के गोलियां चलाने पर एक की मौत, गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- भारत-म्यांमार मुक्त आवागमन व्यवस्था होगी खत्म, दिल्ली-नोएडा सीमा पर यातायात जाम किसान सड़क पर उतरे और फेसबुक पर सीधे प्रसारण के दौरान उद्धव ठाकरे नेता गुट की हत्या आदि ख़बरों को भी अख़बार ने पहले पन्ने पर जगह दी है.
दैनिक भास्कर अख़बार ने अपनी मांगों को लेकर सड़क पर किसानों के उतरने को पहली सुर्खी बनाया है. ख़बर के मुताबिक, उनके संसद की ओर मार्च करने से दिल्ली के डीएनडी बॉर्डर, चिल्ला बॉर्डर और कालिंदी कुंज बॉर्डर पर भीषण जाम लग गया. हजारों की संख्या में वाहन इस जाम में फंसे रहे, दूसरी ओर शाम को केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा राय और पीयूष गोयल किसान नेताओं के साथ बैठक करने चंडीगढ़ पहुंचे. बैठक की मध्यस्थता पंजाब के सीएम भगवंत मान ने की. बैठक के बाद किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल ने कहा कि सरकार के साथ सकारात्मक माहौल में बैठक हुई. हालांकि, हमारा 13 फरवरी का कार्यक्रम तय है, तब तक सरकार हमारी समस्या का समाधान करती है तो ठीक है.
अयोध्या के बाद भाजपा के मथुरा की ओर बढ़ने के एजेंडे को भी अख़बार ने प्रमुखता दी है. ख़बर के मुताबिक, भाजपा के एजेंडे में अयोध्या के बाद अब मथुरा शीर्ष पर रहेगा. पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में श्रीकृष्ण जन्मभूमि का प्रस्ताव लाने की तैयारी है. ठीक वैसे ही जैसे 1989 में श्रीराम जन्मभूमि का प्रस्ताव लाया गया था. परिषद की बैठक 16 से 18 फरवरी के बीच दिल्ली के भारत मंडपम में होगी. अभी पार्टी के शीर्ष नेताओं में इस बात को लेकर मंथन चल रहा है कि इस प्रस्ताव को सीधे तौर पर खुद भाजपा पेश करे या फिर किसी अन्य संगठन जैसे विहिप आदि के जरिए लाया लाए. ज्यादातर नेताओं का मानना है कि पार्टी इसे खुद पेश करे और संगठनों-संस्थाओं से समर्थन का आग्रह करे.
इसके अलावा रुझानों में पाकिस्तान में गुरुवार देर रात जारी मतगणना में इमरान समर्थक निर्दलीय आगे, भारत ने म्यांमार के साथ अपनी सीमा सील की और सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को नौकरियों में आरक्षण देने के लिए एससी-एसटी में उप वर्गीकरण के अधिकार पर सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रखा आदि ख़बरों को भी अख़बार ने पहले पन्ने पर जगह दी है.
अगर आप रोज़नामचा को अपने ई-मेल पर पाना चाहते हैं तो यहां क्लिक करें.
Also Read
-
Confused by the debate over India’s 7.8% GDP growth? Here’s a simple explanation
-
‘Why did I let him come to Delhi?’: Families mourn and question the capital after PG collapse
-
‘Sanatan’ campaigns to Modi posters: Meet TV media’s ‘CJP rebel’
-
‘YouTuber’, ‘influencer’, ‘goon activist’: How mainstream media sanitised Swatantra Bhardwaj
-
Bengaluru’s parks are under threat