Report
नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन, दिल्ली बॉर्डर पर ही रोके गए
किसान संगठन नोएडा और ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण की तरफ से अधिग्रहीत अपनी जमीनों के बदले बढ़ा हुआ मुआवजा और विकसित भूखंड देने की मांग को लेकर लंबे समय से कई जगहों पर विरोध- प्रदर्शन कर रहे हैं. किसानों की मांग है कि 10 प्रतिशत प्लॉट, आबादी के मामलों का पूर्ण निस्तारण, बढ़ा हुआ मुआवजा और स्थानीय लोगों को रोजगार दिया जाए.
किसान संगठनों ने अपनी इन्हीं मांगों को लेकर 7 फरवरी को एक महापंचायत का आयोजन किया, जिसमें 8 फरवरी को दिल्ली कूच का ऐलान किया गया. किसानों के इस ऐलान के बाद दिल्ली और यूपी पुलिस भी अलर्ट हो गई. नोएडा पुलिस ने दिल्ली को जाने वाले ज्यादातर रास्तों को बंद कर दिया ताकि किसान दिल्ली में प्रवेश न कर सकें. बावजूद इसके सैकड़ों किसान दलित प्रेरणा स्थल पार्क नोएडा पहुंच गए. जहां पर भारी बंदोबस्त के बीच पुलिस ने उन्हें रोक लिया.
इसकी वजह से दिनभर यातायात पूरी तरह ठप रहा. दिल्ली के डीएनडी, चिल्ला बॉर्डर और कालिंदी कुंज बॉर्डर पर भीषण जाम रहा. शाम होते-होते किसानों ने नोएडा से अपना धरना खत्म कर लिया. हालांकि, किसानों ने कहा कि वह पहले की तरह अन्य जगहों पर अपना धरना जारी रखेंगे.
वहीं उनकी मांगों का हल निकालने के लिए किसान संगठन के नेता, प्राधिकरण के अधिकारी, सरकार के नुमाइंदों और पुलिस अधिकारियों की मीटिंग होगी. इस मीटिंग के बाद किसान आगे की रणनीति तैयार करेंगे.
किसानों के प्रदर्शन पर देखिए हमारी ये वीडियो रिपोर्ट.
Also Read
-
Dead children, dirty drugs, a giant ‘racket’: The curious case of Digital Vision Pharma
-
Jobs, corruption, SIR | Mahua Moitra on the Mamata mandate
-
Inside the pro-UGC protest: Caste faultlines at Allahabad University
-
Noida workers protested for days over one basic demand. Then came the violence
-
Delhi’s ridge was once a shared, sacred landscape. Now faith needs permission