Khabar Baazi
‘अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन की मौत’, छपने के बाद फैक्ट चेक में झूठी निकली ख़बर
देश के कई अख़बारों ने अपने डिजिटल वेबसाइट पर नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन की मौत की ख़बर चला दी. हालांकि, बाद में यह अफवाह निकली और इसमें सुधार किया गया.
दरअसल, शाम को क्लाउडिया गोल्डिन नाम के एक अकाउंट से अंग्रेजी में एक ट्वीट हुआ. जिसमें लिखा था, “एक बहुत दु:खद ख़बर. मेरे सबसे प्रिय प्रोफेसर अमर्त्य सेन का कुछ मिनट पहले निधन हो गया है. मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकती.”
मालूम हो कि क्लाउडिया गोल्डिन को 2023 के अर्थशास्त्र में नोबेल पुरस्कार के लिए चुना गया है. लेकिन उनके नाम से किसी ने यह फर्जी एक्स (ट्विटर) हैंडल बना लिया है. शाम को जैसे ही इस हैंडल से ट्वीट हुआ. लोगों ने इसे असली क्लाउडिया का अकाउंट समझ लिया और इसी आधार पर भारतीय समेत विदेशी मीडिया ने भी इसे सच मान लिया. मीडिया ने इस बात की पुष्टि किए बैगर ही क्लाउडिया के हवाले से अमर्त्य सेन के निधन की ख़बर प्रकाशित कर दी. इनमें दैनिक भास्कर, डेक्कन हेराल्ड, द मिन्ट आदि शामिल हैं.
जल्द ही यह ख़बर वायरल हो गई. बाद में सेन साहब की बेटी नंदना सेन ने एक्स (ट्विटर) पर पोस्ट कर बताया कि उनके पिता ठीक हैं. उन्होंने लिखा , “दोस्तों आपकी चिंता के लिए धन्यवाद लेकिन यह ख़बर झूठी है. बाबा पूरी तरह से ठीक हैं.”
उन्होंने आगे कहा, “हमने हाल ही में कैंबरिज में अपने परिवार के साथ बेहतरीन समय बिताया. कल रात जब हमने उनसे विदा ली तो उन्होंने हमेशा की तरह कसकर गले लगाया. वो हार्वड में हर हफ्ते दो कोर्स पढ़ा रहे हैं. साथ ही अपनी आने वाली पुस्तक पर काम कर रहे हैं.”
Also Read
-
Modi govt assurances, FIRs, and what’s next for CJP | Abhijeet Dipke with Manisha Pande
-
Delhi Police owns the stone-laden truck after NL report. But their lawyer linked it to protesters in HC
-
Gen-Z के सदमे में अमीश का लवणेन भोज्यम, अमन का उड़ा गर्दा
-
एनएल चर्चा 434: CJP प्रदर्शन के बाद छात्रों पर पुलिस का शिकंजा, मीडिया का नैतिकता पाठ और असम में बाढ़
-
Ghar se salon tak: TV news turns ‘investigative’ reporter and language police over CJP protest