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दैनिक जागरण की 'फर्जिकल स्ट्राइक', रिपोर्टर की तलाश में सेना
दैनिक जागरण ने 22 अगस्त को अख़बार के पहले पन्ने के पूरे आठ कॉलम में एक खबर प्रकाशित की. इसमें दावा किया गया कि भारत ने पाकिस्तान पर फिर से सर्जिकल स्ट्राइक की है. गगन कोहली नामक रिपोर्टर के बाइलाइन से प्रकाशित इस ख़बर में कहा गया कि सेना ने पुंछ और राजौरी के बीच से नियंत्रण रेखा के पार जाकर पाक अधिकृत जम्मू-कश्मीर के कोटली के नकयाल में सक्रिय आतंकियों के चार लांचिंग पैड को पूरी तरह तबाह कर दिया.
भारतीय सेना ने दैनिक जागरण की इस खबर का खंडन करते हुए कहा है कि ऐसा कोई भी ऑपरेशन नहीं किया गया है. प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो ने भी जागरण के इस दावे को फर्जी करार दिया है.
इस मुद्दे पर न्यूज़लॉन्ड्री ने जम्मू में तैनात रक्षा प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल सुनील बर्थवाल से बात की. वो कहते हैं, “इस खबर में कोई सच्चाई नहीं है. हम अखबार को इसका खंडन जारी कर रहे हैं, क्योंकि अखबार ने न दिल्ली में किसी से इस बारे में पुष्टि की और न ही हमारे जम्मू कार्यालय से संपर्क किया.”
वह आगे कहते हैं, “हमने 21 अगस्त को एक प्रेस रिलीज जारी की थी कि बालाकोट में दो आंतकी मारे गए हैं. यही एक ऑपरेशन था, जो एलओसी पर अंजाम दिया गया. यह खबर बाकी सभी अखबारों में भी प्रकाशित हो चुकी है. लेकिन जागरण ने इस जानकारी को एक नया रूप दे दिया.”
बर्थवाल कहते हैं, “मैं इस रिपोर्टर (गगन कोहली) को सुबह से फोन कर रहा हूं लेकिन उसने अपना फोन स्विच ऑफ कर रखा है. मुझे उनसे पूछना है कि ये इतनी बड़ी खबर उन्होंने किससे कन्फर्म की है? उनका क्या सोर्स है?”
बर्थवाल लगे हाथ एक बड़ी चिंता भी जाहिर करते हैं, “इतनी बड़ी खबर राष्ट्रीय संस्करण में छप गई, सोचिए अगर पार्लियामेंट सेशन चल रहा होता तो बवाल मच जाता. यह भी नहीं कह सकते हैं कि गगन नौसिखिया या नया पत्रकार है, वह सालों से पत्रकारिता कर रहे हैं.”
भारतीय सेना के दिल्ली प्रवक्ता सुधीर चमोली कहते हैं कि इस बारे में हमने दैनिक जागरण के एडिटर इन चीफ को एक खंडन जारी कर दिया है.
वह कहते हैं, “हमने उनको बोला है कि आप नामी अखबार हैं. इस प्रकार की परिस्थितियां और इस प्रकार की न्यूज़ से देश की सुरक्षा पर फर्क पड़ सकता है. आपको चेतावनी दी जाती है कि अगली बार ऐसा कुछ होता है तो आपको मिनिस्ट्री ऑफ इनफार्मेशन एंड ब्रॉडकास्टिंग के द्वारा सूचित किया जाएगा. आगे से इस तरह की खबर बिना सहमति के न चलाई जाए.”
जहां एक तरफ सेना और पीआईबी ने जागरण की खबर को फेक बताया है. वहीं उसके रिपोर्टर अपनी खब़र के साथ खड़े होने का दावा करते हैं.
कोहली न्यूज़लॉन्ड्री से कहते हैं कि मैंने यह खबर अपने सूत्रों के आधार पर लिखी है. गगन के मुताबिक भारतीय सेना क्यों मानेगी कि उसने ऐसा किया है. मेरे पास इस सर्जिकल स्ट्राइक का फोटो और वीडियो मौजूद है.
क्या आपने इस खबर के लिए सेना या सरकार का पक्ष जानने की कोशिश की? इस पर गगन कहते हैं, “जब कोई बोलेगा नहीं तो कहां से कोट्स लिखूंगा. मेरी स्टोरी 101 प्रतिशत सही है. मुझे जागरण में काम करते हुए 23 साल हो गए हैं और तब से आतंकवाद ही कवर रहा हूं. मैं आज स्टोरी का भी फॉलोअप कर रहा हूं.”
दैनिक जागरण के प्रधान संपादक संजय गुप्त और अखबार के एग्जीक्यूटिव एडिटर विष्णु त्रिपाठी ने इस ख़बर के बारे में हमारे द्वारा किया गया सवाल सुनते ही फोन काट दिया. हमने उन्हें कुछ सवाल भेजे हैं. उनका जवाब आने पर खबर में अपडेट कर दिया जाएगा.
ऑनलाइन हेडिंग बदली, वीडियो को अनलिस्ट किया
इस पूरे विवाद के बाद दैनिक जागरण ने डिजिटल पर छपी खबर में बदलाव किया है. पहले खबर की हेडिंग ‘Surgical Strike: भारत ने Pakistan पर फिर की सर्जिकल स्ट्राइक, 12-15 कमांडों ने पार की LoC’ थी.
अब नई हेडलाइन है- ‘जम्मू-कश्मीर: भारत ने सीमा पार की बड़ी कार्रवाई, 12 से 15 फौजियों ने दिया मिशन को अंजाम; सात से आठ आतंकी ढेर’.
दैनिक जागरण ने इस खबर को आधार बना कर सुबह अपने यूट्यूब चैनल पर एक वीडियो भी जारी किया था. हालांकि अब जागरण ने उस वीडियो को अनलिस्ट कर दिया है. लेकिन इस वीडियो लिंक के जरिए उसे देखा जा सकता है.
इस पूरे मामले पर सरकार का पक्ष जानने के लिए हमने विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची को कुछ सवाल भेजे हैं, जवाब आने पर उसे भी खबर में जोड़ दिया जाएगा.
ऐसा पहली बार नहीं है, जब दैनिक जागरण की पत्रकारिता पर सवाल उठ रहे हैं. हाल ही में अखबार ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में चार जुलाई की देर शाम नाले के विवाद को लेकर दो पक्षों के विवाद को सांप्रदायिकता का तड़का लगाते हुए माहौल खराब करने की कोशिश की थी.
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