Report
द वायर की खबर को दैनिक भास्कर ने 4 दिन बाद एक्सक्लूसिव बता कर किया प्रकाशित, फिर हटाया
पत्रकार दीपक गोस्वामी ने मध्यप्रदेश में सक्रिय बजरंग सेना और कांग्रेस पार्टी के विलय को लेकर एक रिपोर्ट की थी. यह रिपोर्ट ‘द वायर हिंदी’ के वेबपेज पर 19 जून को प्रकाशित हुई थी.
इस स्टोरी में विस्तार से बताया गया कि कैसे कांग्रेस राज्य के आगामी विधानसभा चुनावों में अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए सांप्रदायिक ताकतों का सहारा ले रही है. खबर में वह विस्तृत रूप से बजरंग सेना और उनकी कार्यशैली का विश्लेषण करते हैं.
इसके बाद, 23 जून को दैनिक भास्कर के वेबपेज पर एक ‘एक्सक्लूसिव स्टोरी’ प्रकाशित हुई. लेकिन गौर करने वाली बात ये है कि स्टोरी का ज्यादातर कंटेंट द वायर पर प्रकाशित दीपक गोस्वामी की रिपोर्ट से कॉपी किया गया है.
भास्कर ने इसे इनसाइड स्टोरी बताते हुए इस पर एक एक्सप्लेनर वीडियो भी बनाया है.
हमने इस मामले में दीपक गोस्वामी से बात की. वे कहते हैं, “दैनिक भास्कर ने उनकी स्टोरी से बहुत सी सामग्री चुराई है और उसे एक्सक्लूसिव बना कर पेश किया है. आखिर चोरी किए कंटेंट को वे लोग एक्सक्लूसिव बताकर कैसे चला सकते हैं?”
उन्होंने कहा, “दैनिक भास्कर की पहचान मध्यप्रदेश से है. अखबार यहीं से शुरू हुआ है. अब अगर कोई ये दोनों स्टोरी पढ़ेगा तो उसे यही लगेगा कि मैंने कंटेंट चुराया है. पिछले कई दिनों से लगातार मैं दैनिक भास्कर से इस बारे में जानने की कोशिश कर रहा हूं, हालांकि उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला”.
वह आगे कहते हैं, “24 जून को मैंने भास्कर के संपादक प्रसून मिश्रा से बात की और पूरा मामला बताया. हालांकि, अभी तक न ही कंटेंट हटाया गया है और न ही उसमें कोई बदलाव किए गए हैं.”
न्यूज़लॉन्ड्री ने इस मामले पर दैनिक भास्कर का पक्ष भी जानने की कोशिश की. इस पर मध्य प्रदेश के स्टेट एडिटर राजेश माली कहते हैं, “दीपक की शिकायत को संज्ञान में लिया गया है, पूरी तरह तहकीकात के बाद ही हम इस बारे में कुछ बता सकते हैं.”
हालांकि, जब अब हम यह ख़बर प्रकाशित कर रहे हैं तो भास्कर अपनी इस एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में बदलाव कर चुका है.
भास्कर ने स्टोरी के कंटेंट में बदलाव किया और वायर से चोरी किए हुए दो पैराग्राफ भी हटा दिए हैं. खोजबीन के बाद हमने पाया कि भास्कर ने स्टोरी के शब्द तो बदल दिए हैं लेकिन वह अभी भी इसे अपनी एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के तौर पर पेश कर रहा है. वहीं, इस मामले में दीपक का कहना है कि भास्कर ने उन्हें बदलावों की कोई जानकारी नहीं दी है और न ही उनका कंटेंट चुराने के लिए कोई माफी मांगी है.
Also Read
-
Army vs police in Kishtwar: What does it tell us about civil-military balance?
-
Why the Delhi Gymkhana eviction should terrify every housing society and hospital in India
-
As BJP govt ads celebrate Ujjwala, beneficiaries count costlier cylinders
-
Rs 700-cr Delhi medical ‘scam’ ignored by primetime TV
-
Press club flags another passport case after govt adviser tries to shift focus to old headlines