NL Charcha
एनएल चर्चा 266: कर्नाटक में बदलती हवा और पाकिस्तान में बिगड़ते हालात
इस हफ्ते चर्चा में बातचीत के मुख्य विषय कर्नाटक विधानसभा चुनाव, पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी और फिर सुप्रीम कोर्ट द्वारा उन्हें रिहा करने के आदेश, सुप्रीम कोर्ट द्वारा उद्धव ठाकरे बनाम एकनाथ शिंदे मामले को बड़ी बेंच में भेजा जाना, दिल्ली सरकार के कामकाज में उपराज्यपाल के अधिकारों पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला, मणिपुर हिंसा, मौसम विभाग द्वारा बंगाल की खाड़ी पर एक और चक्रवात ‘मोखा’ की चेतावनी, ‘द केरला स्टोरी’ फिल्म पर बंगाल सरकार का प्रतिबंध, पीएम केयर्स फण्ड में पिछले तीन सालों में 503 करोड़ रूपए का विदेशी अनुदान, आगरा में दलित दूल्हे को अगड़ी जाति के लोगों द्वारा घोड़ी से उतारा जाना रहे.
चर्चा में इस हफ्ते बतौर मेहमान न्यूज़लॉन्ड्री के कार्यकारी संपादक अतुल चौरसिया, वरिष्ठ पत्रकार स्मिता शर्मा और न्यूज़लॉन्ड्री के स्तम्भकार आनंद वर्धन शामिल हुए. चर्चा का संचालन न्यूज़लॉन्ड्री के सह-संपादक शार्दूल कात्यायन ने किया.
शार्दूल, कर्नाटक चुनावों पर चर्चा से शुरुआत करते हुए ग्राउंड से चुनावी कवरेज कर लौटे अतुल से सवाल करते हैं कि आम धारणा यह थी कि कांग्रेस इन चुनावों में आगे रहने वाली है, तो आपने ग्राउंड पर इसको कितना सही पाया और क्या माहौल था?”
अतुल इस सवाल के जवाब में कहते हैं, “हम दक्षिण कर्नाटक और तटवर्ती क्षेत्रों में गए. तटवर्ती क्षेत्र को भारतीय जनता पार्टी का गढ़ माना जाता है. लंबे समय से यहां आरएसएस की उपस्थिति रही है. वहां की आबादी का समीकरण भी उसके पक्ष में काम करता है. ऐसे में यहां तो बीजेपी की मजबूत उपस्थिति नजर आई लेकिन कर्नाटक के बाकी हिस्सों में वही माहौल दिखा, जो कि एग्जिट पोल में नजर आया.”
स्मिता इन चुनावों के अनुमानित नतीजों पर अपना पक्ष रखते हुए कहती हैं, “कर्नाटक में अगर कांग्रेस सत्ता में लौटती है तो इसके बहुत फायदे होंगे. कांग्रेस की सबसे बड़ी समस्या है यह है कि उसकी जीत में निरंतरता नहीं है. भाजपा को पीएम मोदी के नाम पर लगातार वोट मिल रहे हैं लेकिन कर्नाटक में कांग्रेस को लोग इसलिए वोट कर रहे हैं क्योंकि वह बदलाव चाह रहे हैं. यहां भ्रष्टाचार जैसे बड़े मुद्दे हैं. जिसका फायदा कांग्रेस को मिल रहा है.”
कर्नाटक चुनावों पर विस्तार से चर्चा के साथ-साथ पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद वहां के राजनीतिक हालातों पर भी बातचीत हुई.
सुनिए पूरी चर्चा-
टाइम कोड्स:
00:00:00 - 00:09:50 - इंट्रो व हेडलाइंस
00:09:50 - 00:54:21 - कर्नाटक चुनाव
00:54:21 - 01:25:44 - इमरान खान की गिरफ्तारी और पाकिस्तान की राजनीति
01:25:44 - जरूरी सूचना व सलाह और सुझाव
पत्रकारों की राय क्या देखा, पढ़ा और सुना जाए
स्मिता शर्मा
बीबीसी का लेख: चार पाकिस्तानी प्रधानमंत्री को कठघरे में लाने वाला जज
हुसैन हक़्क़ानी की किताब: रीइमेजिनिंग पाकिस्तान- ट्रांसफॉर्मिंग ए डिस्फंक्शनल न्यूक्लियर स्टेट
आनंद वर्धन
आउटलुक मैगजीन में राहुल वर्मा की गत वर्ष प्रकाशित कवर स्टोरीः पॉलिटिक्स ऐज वर्क
अतुल चौरसिया
वीडियो रिपोर्ट- कॉफी उद्योग की कमर तोड़ रही मौसमी अस्थिरता
वीडियो रिपोर्ट- किलिंग फाइल्स ऑफ मैंगलोर: कोस्टल कर्नाटक की हिंदुत्वा लेबोरेटरी
शार्दूल कात्यायन
प्रेस स्वतंत्रता पर विशेष टीवी न्यूसेंस का विशेष एपिसोड
हुसैन हक्कानी की किताब: मैग्निफिसेंट डिल्यूजन्सः पाकिस्तान, द यूनाइटेड स्टेट्स एंड एन एपिक हिस्ट्री ऑफ मिसअंडरस्टैंडिंग
वीडियो- द रिमार्केबल स्टोरी बिहाइंड द मोस्ट इम्पोर्टेन्ट अल्गोरिदम ऑफ ऑल टाइम
ट्रांस्क्राइबः तस्नीम फातिमा
प्रोड्यूसरः चंचल गुप्ता
एडिटर: उमराव सिंह
Also Read
-
‘Can’t imagine Baramati without Dada’: The end of a powerhouse who shaped Maharashtra politics
-
Gasping for breath: Are Odisha’s twin cities going the Delhi way?
-
Telangana’s NTV controversy and the cost of captured media
-
सत्ता बदली, हवा नहीं: प्रदूषण पर सरकार की पुरानी चाल, सिर्फ 3 बैठकों में निकाल दिया पूरा साल
-
Only 3 meetings on Delhi’s air crisis. But guess how many air purifiers in ministry’s office