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चीन ने दो भारतीय पत्रकारों का वीजा रोका, 'वापस नहीं आने' की दी हिदायत
चीन ने मंगलवार को बीजिंग में दो भारतीय पत्रकारों को सूचित किया कि उनके पत्रकारिता वीजा पर रोक लगा दी गई है. ‘द हिंदू’ के बीजिंग संवाददाता अनंत कृष्णन और ‘प्रसार भारती’ के पत्रकार अंशुमान मिश्रा, दोनों फिलहाल भारत में हैं.
‘द हिंदू’ की रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने उन्हें "वापस नहीं आने" के लिए कहा है. पत्रकारों को चीन के विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी के माध्यम से इस कार्रवाई के बारे में पता चला. चीन के विदेश मंत्रालय की रिपोर्ट में कहा गया है कि "भारत में कवरेज के लिए चीन अपने संवाददाताओं के लिए ज्यादा और लंबी अवधि के वीजा की मांग कर रहा था’.
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट अनुसार, चीन में वर्तमान में दो भारतीय पत्रकार, एचटी के सुतीर्थो पैट्रानोबिस और पीटीआई के केजेएम वर्मा को विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि वे ‘फिलहाल के लिए रुक सकते हैं’. एचटी के मुताबिक, ‘द हिंदू’ के कृष्णन, जब 31 मार्च को भारत लौट रहे थे तो हवाई अड्डे पर उन्हें रोक लिया गया था और चीनी अधिकारियों द्वारा लगभग 30 मिनट तक पूछताछ की गई थी.
‘द हिंदू’ के अनुसार 2022 के अंत तक भारत में लगभग चार चीनी पत्रकार प्रवास पर है.
इससे पहले, भारत में प्रवास कर रहे विदेशी संवाददाताओं ने न्यूज़लॉन्ड्री को अनुभव साझा करते हुए भारत में रिपोर्टिंग के दौरान आ रही कठिनाइयों के बारे में बताया था. उनके मुताबिक, भारत में धमकियां, कश्मीर जैसे क्षेत्रों तक पहुंच नहीं होना और कम समय के लिए वीजा मिलना जैसी कठिनाइयां पेश आ रही हैं. इस दौरान, एक पत्रकार ने यहां तक कहा कि "किसी संवेदनशील रिपोर्ट प्रकाशित होने के बाद वे असुरक्षित महसूस करते हैं". आप न्यूज़लॉन्ड्री की ये पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ सकते हैं.
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