Khabar Baazi
दिल्ली स्थित बीबीसी के दफ्तर पर आयकर विभाग की छापेमारी
ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन (बीबीसी) के नई दिल्ली स्थित दफ्तर पर आयकर विभाग ने दबिश की है. दफ्तर में मौजूद सभी कर्मचारियों को फोन का उपयोग करने से रोक दिया गया है.
जानकारी के मुताबिक आयकर विभाग के 24 अधिकारी बीबीसी के दफ्तर पहुंचे है. अधिकारियों ने कर्मचारियों के फोन जब्त कर लिए हैं साथ ही उन्हें कंप्यूटर सिस्टम इस्तेमाल करने से रोक दिया है.
बीबीसी के एक कर्माचारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर हमसे उपरोक्त घटना की पुष्टि की है.
उन्होंने आगे कहा कि जो कर्मचारी अभी तक दफ्तर नहीं पहुंचे हैं उन्हें अगले आदेश तक दफ्तर आने से मना कर दिया गया है. दफ्तर को चारों ओर बंद कर लिया गया है. जो अंदर हैं उन्हें बाहर नहीं जाने दिया जा रहा है और जो बाहर हैं उन्हें अंदर आने से भी रोक दिया है.
जानकारी के मुताबिक बीबीसी के अधिकारी ने ऑफिस के व्हाट्सएप ग्रुप में मैसेज कर अपने कर्मचारियों से कहा कि चिंता करने की कोई बात नहीं है वह मामले को देख रहे हैं. जो कर्मचारी बाहर हैं वह काम करते रहें.
वहीं इंकम टैक्स सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक विभाग ने कहा कि हमने वित्तीय अनियमित्ताओं को लेकर बीबीसी को नोटिस भेजा था, लेकिन बीबीसी की ओर से कोई संतुष्ट जबाव नहीं मिला. जिसके बाद ही टीम ने यह दबिश की.
बीबीसी ने ऑफिशियल स्टेटमेंट जारी करते हुए कहा कि आयकर अधिकारी इस समय नई दिल्ली और मुंबई में बीबीसी कार्यालयों में हैं और हम उनका पूरा सहयोग कर रहे हैं. हम उम्मीद करते हैं कि यह स्थिति जल्द से जल्द सुलझ जाएगी.
बता दें कि हाल ही में बीबीसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊपर बनी डॉक्यूमेंट्री इंडिया: द मोदी क्वेश्चन रिलीज की है. भारत सरकार ने इसे दिखाने पर प्रतिबंध लगा दिया. इसके बाद देश के अलग-अलग हिस्सों में विवाद हो गया था. सरकार की ओर से यूट्यूब और ट्विटर पर इसे ब्लॉक करने के निर्देश जारी किए गए थे.
इसके बाद न्यूज़लॉन्ड्री को मिली जानकारी के मुताबिक भारत में कार्यरत बीबीसी के कर्मचारियों को एहतियात बरतने की सलाह दी गई थी. कैब और टैक्सियों से बीबीसी के स्टीकर और लोगो भी हटाने की बात भी सामने आई थी. इसी तरह रिपोर्टर्स को भी बीबीसी की आईडी वाला माइक के इस्तेमाल करने से बचने को कहा गया. रिपोर्टर्स को सुरक्षा के नजरिए से ऐसा करने को कहा गया.
Also Read
-
Nearly 30 journalists recount the Delhi Police’s use of brute force against them
-
On the ground with Sreenivasan Jain: A day at the Opposition march
-
A prison-like bus, an unknown location: A day in detention with Neha Bora
-
‘It’s about saving this country’: Why they marched to the Supreme Court
-
Delhi Police cannot dictate how journalists cover protest