Khabar Baazi
ट्विटर ने आधा दर्जन से अधिक पत्रकारों के अकाउंट किए सस्पेंड, ईलॉन मस्क ने ठहराया सही
ट्विटर ने प्रौद्योगिकी को कवर करने वाले शीर्ष मीडिया संस्थानों के लगभग आधे दर्जन से अधिक पत्रकारों के ट्विटर खातों को बिना कोई स्पष्टीकरण दिए निलंबित कर दिया. इनमें सीएनएन के डॉनी ओ सलीवन, द वाशिंगटन पोस्ट के ड्रू हार्वेल, न्यूयॉर्क टाइम्स के रायन मैक और स्वतंत्र पत्रकार हारून रूपार भी शामिल हैं. अक्टूबर में ईलॉन मस्क के माइक्रोब्लॉगिंग साइट को अपने नियंत्रण में लेने के बाद से ये पत्रकार मस्क के प्रति आक्रामक रुख रखने के लिए जाने जाते थे.
हालांकि ट्विटर के द्वारा जारी नोटिस में कहा गया कि ट्विटर के डॉक्सिंग नियमों का उल्लंघन करने वाले खातों को ही निलंबित किया गया है.
इंटरनेट की भाषा में 'डॉक्सिंग' का अर्थ, किसी की निजी व पहचान कर सकने वाली जानकारी को बिना अनुमति के, हानिकारक इरादों से साझा करना है.
फैसले को सही ठहराते हुए मस्क ने कहा, “उन्होंने मेरी सटीक वास्तविक लोकेशन, जो हत्या के निर्देशांक भी हो सकते हैं, ट्विटर की सेवा की शर्तों के (स्वाभाविक रूप से) सीधा उल्लंघन करते हुए पोस्ट किए.”
वाशिंगटन पोस्ट के ड्रू हारवेल ट्विटर द्वारा निलंबित किए गए पत्रकारों में से एक हैं. उन्होंने सीएनएन को बताया कि सोशल मीडिया साइट ने उन्हें अकाउंट के प्रतिबंधित किए जाने से जुड़ी कोई जानकारी ट्विटर से नहीं प्राप्त हुई.
उन्होंने आगे कहा, “ईलॉन का कहना है कि वह एक ‘फ्री स्पीच चैंपियन’ हैं, और वह फ्री स्पीच का इस्तेमाल करने पर ही पत्रकारों पर प्रतिबंध लगा रहे हैं. मुझे लगता है कि इससे उनकी प्रतिबद्धता पर सवाल उठता है.”
ट्विटर के इस कदम के बाद, सभी तरफ से मस्क की व्यापक निंदा हो रही है और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए उनकी प्रतिबद्धता पर सवाल उठ रहे हैं. उन्होंने एक बार उम्मीद जताते हुए कहा था कि, "मेरे सबसे खराब आलोचक भी ट्विटर पर बने रहेंगे, क्योंकि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का यही मतलब है."
न्यूयॉर्क टाइम्स के एक प्रवक्ता ने प्रतिबंध को "संदिग्ध और दुर्भाग्यपूर्ण" करार दिया.
टाइम्स ने अपने वक्तव्य में कहा, “न्यूयॉर्क टाइम्स या रायन, दोनों ही को इसके पीछे के कारणों के बारे में कोई स्पष्टीकरण नहीं मिला है? हम आशा करते हैं कि सभी पत्रकारों के खाते बहाल किए जाएंगे और ट्विटर इस कार्रवाई के लिए संतोषजनक स्पष्टीकरण देगा."
Also Read
-
From Okhla to Badarpur: 5 Delhi seats that lost over 40% of their 2025 electorate
-
What exactly is PM CARES hiding?
-
Uttarakhand SIR: The unsolved mystery of BJP agents’ ‘forged’ objections against Muslim voters
-
The captain cricket won’t let go
-
‘Only a part of the chest was found’: Delhi’s Nepali community tries to count the missing