Khabar Baazi
अडानी की एंट्री के बाद रवीश कुमार का एनडीटीवी से इस्तीफा
अडानी ग्रुप द्वारा एनडीटीवी के प्रमोटर कंपनी के टेकओवर के साथ ही पत्रकार रवीश कुमार ने इस्तीफा दे दिया है.
एनडीटीवी ग्रुप की प्रेसिडेंट सुपर्णा सिंह द्वारा सभी कर्मचारियों को भेजे एक मेल में बताया गया है कि रवीश ने तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है.
कंपनी के एक सीनियर एडिटर ने बताया कि, “रवीश एक दिन ऑफिस आए थे. इस हफ्ते रोस्टर में रवीश का नाम था लेकिन उन्होंने सोमवार और मंगलवार को शो नहीं किया.”
न्यूज़लॉन्ड्री को चैनल के एक सीनियर एडिटर, एक एचआर विभाग के अधिकारी और कई कर्मचारियों ने रवीश कुमार के इस्तीफे की पुष्टि की है.
सुपर्णा द्वारा भेजे गए मेल में बताया गया है कि, “रवीश जैसे कुछ ही पत्रकार लोगों को प्रभावित कर पाते है. रवीश दशकों से एनडीटीवी का एक अभिन्न हिस्सा रहे हैं. उनका योगदान बहुत अधिक रहा है, और हम जानते हैं कि वह अपने नई शुरुआत में बेहद की सफल होंगे.”
इससे पहले मंगलवार को एनडीटीवी ने स्टॉक एक्सचेंज को भेजी गई जानकारी में बताया था कि प्रणय रॉय और राधिका रॉय ने एनडीटीवी की प्रमोटर कंपनी आरआरपीआर के निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया.
वहीं मंगलवार को ही आरआरपीआर ने अडानी ग्रुप के विश्वप्रधान कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड (वीसीपीएल) को 99.9 प्रतिशत शेयर ट्रांसफर किए थे. जिसके बाद अडानी ग्रुप को एनडीटीवी में 29.18 प्रतिशत हिस्सेदारी मिल गई थी.
इसके अतिरिक्त अडानी ग्रुप 26 फीसदी हिस्सेदारी के लिए ओपन ऑफर लेकर आया है, इसके तहत कंपनी ने एनडीटीवी के एक करोड़ 67 लाख शेयर खरीदने की पहल की है. ओपन ऑफर की आखिरी तारीख 5 दिसंबर है. इस ओपन ऑफर के लिए अडानी ग्रुप ने 294 रुपये प्रति शेयर की कीमत लगाई है.
अपडेट: रवीश कुमार ने एनडीटीवी से अपने इस्तीफे के बाद अपने यूट्यूब चैनल ‘रवीश कुमार ऑफिशियल’ पर अपने इस्तीफे और आज के दौर की पत्रकारिता को लेकर कुछ बातें सार्वजनिक रूप से रखीं. उन्होंने पत्रकारिता में अपने शुरुआत के दिनों और एनडीटीवी में बिताए लम्बे समय से जुड़ी बातें रखते हुए बताया कि वे अब अपने यूट्यूब चैनल पर ही नज़र आएंगे. उन्होंने भारतीय नागरिक की इस ‘गोदी मीडिया’ की बेड़ियों को तोड़ सकने की शक्ति में विश्वास जताते हुए हर पत्रकार को निडर रहने की सलाह दी, और एनडीटीवी में सबका धन्यवाद देते हुए अपने पेशे की इस नयी यात्रा में सहयोग की उम्मीद की.
रवीश का यूट्यूब चैनल - रवीश कुमार ऑफिशियल
Also Read: रवीश कुमार के सम्मान से चिढ़ क्यों!
Also Read
-
The Dhaka effect: Did the BNP’s win in Bangladesh blunt the BJP’s poll pitch in Bengal?
-
Like avocado on jalebi: The manufactured appeal of ‘bhajan clubbing’
-
The 200-km fix: Can ‘going local’ save Indian football?
-
TV Newsance 337 | LPG crisis, Godi media circus and the Loomer meltdown
-
When the bulldozer came for Mahadev’s city