Report
दिल्ली: प्रदूषण को रोकने में एंटी स्मॉग गन कितनी असरदार?
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के मद्देनजर 25 अक्टूबर को दिल्ली के पर्यावरण एवं वन मंत्री गोपाल राय ने 150 एंटी स्मॉग गन मशीनों को लांच किया. इन मशीनों के जरिए दिल्ली की सड़कों पर रोजाना 31-42 लाख लीटर पानी का छिड़काव किया जा रहा है. दिल्ली सरकार का दावा है इससे दिल्ली के वायु प्रदूषण में धूल पर नियंत्रण पाया जा सकता है. बता दें कि दिल्ली के प्रदूषण में धूल का योगदान 15-20 फीसदी है, जबकी बाकी का 80 प्रतिशत प्रदूषण वाहनों, उद्योगों और इमारतों के निर्माण व विध्वंस से होने वाले प्रदूषण का है.
इसके बावजूद भी दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है. केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक 26 अक्टूबर को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक या एक्यूआई 271 पर था, तो वहीं 1 नवंबर को यह सूचकांक 424 पर पहुंच गया. इस भीषण प्रदूषण के कारण दिल्ली वासियों को सांस लेने में तकलीफ, दम घुटने, अनियमित खांसी के साथ कई गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, साथ ही ये परेशानियां झेल रहे लोगों की संख्या अप्रत्याशित रूप से बढ़ी है.
22 वर्षीय सिद्धार्थ यादव बताते हैं, "मुझे कई दिनों से खांसी आ रही है. सांस लेने में तकलीफ होती है. मैंने आज ही डॉक्टर को दिखाया तो डॉक्टर ने बोला कि यह सब प्रदूषण की वजह से हो रहा है. कुछ दिन तक बाहर मत निकलो.”
नाहर सिंह बताते हैं, “जब भी सर्दी आती है, रात में सोते वक्त सीने में दर्द उठता है, सांस फूलने लगती है. कभी-कभी दर्द बहुत बढ़ जाता है. खांसी होने लगती है.”
वहीं पर्यावरण मामलों की विशेषज्ञ अनुमिता राय चौधरी कहती हैं, "पानी का छिड़काव करना ठोस समाधान नहीं है. अगर प्रदूषण को कम करना है तो सरकार को संरचनात्मक बदलाव पर जोर देना होगा."
दिल्ली के प्रदूषण को रोकने में यह एंटी स्मॉग गन कितनी कारगर है, देखिए यह रिपोर्ट.
Also Read
-
Knives, pistols and ‘aura farming’: Inside Delhi’s teen ‘gangs’
-
‘Regional reporters once showed enterprise, but became part of pack reporting’
-
Gurugram is actually drowning in its own real estate boom
-
Rs 428 crore in, Rs 1 crore out: How Chinese capital and public money vanished into Gurugram’s garbage
-
Public money, govt line: How DD News used pro-Modi govt farmer leaders to push E20