Khabar Baazi
जी मीडिया ने बार्क के रेटिंग सिस्टम से खुद को अलग किया
ज़ी मीडिया ने शनिवार शाम ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (बार्क) को भेजे एक पत्र में खुद को रेटिंग सिस्टम से अलग करने का ऐलान किया.
जी मीडिया के अंतर्गत 14 अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और क्षेत्रीय चैनल चलते हैं. जी मीडिया ने कहा कि वह बार्क से लगातार लैंडिंग पेज के मुद्दे पर सुधारात्मक तरीकों को अपनाए जाने का अनुरोध करता रहा है, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ.
एनडीटीवी के बाद जी मीडिया दूसरा ऐसा न्यूज चैनल है, जिसने बार्क के रेटिंग सिस्टम से खुद को अलग कर लिया. एनडीटीवी ने कहा था कि बार्क को एक बड़े सैंपल साइज की आवश्यकता है. टीआरपी मापने के लिए इस्तेमाल होने वाले सैंपल साइज को लेकर रिपब्लिक टीवी भी सवाल उठा चुका है.
एक्सचेंज4मीडिया से बात करते हुए जी मीडिया के चीफ बिजनेस ऑफिसर जॉय चक्रवर्ती कहते हैं, “हमारे चैनल की रेटिंग लगातार कैसे गिर सकती है, जबकि हमारे न्यूज नेटवर्क का डिस्ट्रीब्यूशन देश में सबसे बेहतर है और हमारे डिजिटल उत्पाद कॉमस्कोर के अनुसार नंबर 1 है? यह तर्क-विहीन है. हम पीड़ित हैं, क्योंकि हम लैंडिंग पेजों का उपयोग नहीं करते हैं.”
जी मीडिया ने बार्क से अलग होने का फैसला न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एंड डिजिटल एसोसिएशन (एनबीडीए) की बैठक के बाद लिया.
बता दें कि हाल ही में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने जी मीडिया के दस चैनलों की डिश टीवी टेलीपोर्ट के जरिए अपलिंकिंग की परमिशन को रद्द कर दिया.
Also Read
-
TV Newsance 333 | The Galgotiyapa of TV news
-
From banned to behemoth: Unpacking the 100-year legacy of the RSS
-
Galgotias: Who’s really to blame? And what India’s AI summit got right
-
The making of Galgotias: An expansion powered by land deals and media blitz
-
‘Aaj jail, kal bail’: Tracking 30+ FIRs against Pinki Chaudhary