Khabar Baazi
कोरोना काल में जान गंवाने वाले पत्रकारों के परिजनों को 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता
उत्तर प्रदेश सरकार ने कोरोना महामारी में कोविड-19 से जान गंवाने वाले पत्रकारों के परिजनों को 10-10 लाख रुपए की सहायता राशि जारी की है. यह सूचना उत्तर प्रदेश के सूचना एवं जनसंचार विभाग की ओर से 20 सितंबर को जारी की गई. इस योजना के तहत कुल 53 पत्रकारों के परिवारों को यह धनराशि दी जाएगी. इस योजना को राज्यपाल की अनुमति के बाद लागू किया गया जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार कुल 5.30 करोड़ रूपए खर्च करेगी.
इस योजना को लागू करने के प्रयास लम्बे समय से किए जा रहे थे. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस साल 30 मई को हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर इस योजना की घोषणा की थी. सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सूचना विभाग द्वारा कोरोना से जान गंवाने वाले पत्रकारों की जानकारी इकट्ठा की गई थी.
इस योजना के तहत आर्थिक सहायता पाने के लिए मृतक पत्रकार का मान्यता प्राप्त होना जरूरी नहीं है, यानी किसी भी पेशेवर पत्रकार की मौत कोरोना संक्रमण से होने की परिस्थिति में उसके परिवार को आर्थिक सहायता दी जाएगी.
इस घोषणा के बाद लखनऊ के लोक भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में, मुख्यमंत्री योगी ने दिवंगत मीडियाकर्मियों के परिजनों को सहायता राशि का चेक सौंपा था. इसकी धनराशि 20 सितम्बर 2022 को सरकार द्वारा पत्रकार कल्याण कोष में डाली गई, जिसे अब सभी परिवारों को सौंपा जाएगा.
बता दें कि यूपी सरकार द्वारा कोविड के समय नोएडा में वैक्सीनेशन के लिए फ्री कैंप लगाए गए थे, जिसके तहत कुल 10 हजार पत्रकार और उनके परिवारों को वैक्सीन मुफ्त मिली थी.
Also Read: क्या पंजाब में पत्रकारों की हो रही जासूसी?
Also Read
-
Dhruv Rathee interview: CJP, protests, Soros and more
-
What happens after Delhi Police detains you? I saw it first hand
-
Nearly 30 journalists recount the Delhi Police’s use of brute force against them
-
‘It’s about saving this country’: Why they marched to the Supreme Court
-
Now, Meta restricts reportage on Delhi Police crackdown on protesters; bans posts, accounts, citing IT Rules