Khabar Baazi
फिल्म निर्देशक अविनाश दास को गुजरात पुलिस की क्राइम ब्रांच ने हिरासत में लिया
फिल्म निर्देशक और लेखक अविनाश दास को गुजरात पुलिस की क्राइम ब्रांच ने हिरासत में ले लिया है. उनके खिलाफ राज्य की अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने केस दर्ज किया था. फिल्म लेखक रामकुमार सिंह ने ट्वीट कर उन्हें पुलिस द्वारा उठाए जाने की सूचना दी.
सिंह ने ट्वीट कर कहा, "अभी कुछ ही देर पहले मित्र फिल्मकार अविनाश दास को अपने घर से निकलते ही मढ़ जेटी से गुजरात पुलिस की क्राइम ब्रांच के लोग उठाकर ले गए. उनकी जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है. पुलिस को यह नहीं करना था. हम लोग जरूरी कानूनी सलाह ले रहे हैं."
बता दें कि अविनाश के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार झारखंड कैडर की आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल की गृह मंत्री अमित शाह के साथ सोशल मीडिया पर तस्वीर पोस्ट करने का आरोप है. इसके अलावा उन पर राष्ट्र ध्वज के अपमान का भी मामला दर्ज है.
अविनाश दास एनडीटीवी और प्रभात खबर के साथ पत्रकारिता कर चुके हैं. दास ने 'अनारकली ऑफ आरा' फिल्म का निर्देशन भी किया है.
'अनारकली ऑफ आरा' और 'रात बाकी है' फिल्में बनाने वाले 46 वर्षीय फिल्म निर्माता दास ने हाल ही में इसी मामले में ट्रांजिट प्री-अरेस्ट जमानत याचिका के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया था, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया था.
इंडियन एक्सप्रेस ने सूत्रों के हवाले से लिखा है, अहमदाबाद डीसीबी की एक टीम दास को गिरफ्तार करने के लिए पिछले एक हफ्ते से मुंबई में डेरा डाले हुए थी.
पुलिस के अनुसार, दास को उस समय हिरासत में लिया गया जब वह मंगलवार दोपहर अपने आवास से कार्यालय जा रहे थे. अहमदाबाद डीसीबी के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, "दास को मुंबई में उनके आवास से हिरासत में लिया गया है और उन्हें अहमदाबाद लाया जाएगा."
दास पर भारतीय दंड संहिता की धारा 469 (जालसाजी), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 और राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.
Also Read
-
Deleted despite documents: Inside West Bengal’s ‘political’ SIR
-
Fish, funds, and feminism: What Jadavpur University thinks of the Bengal elections
-
Appellate tribunals or a black hole? Where the Bengal SIR goes to bury a ‘second chance’
-
Opioids without oversight: The Indian pipeline feeding West Africa’s crisis
-
Constitution amendment defeated in Lok Sabha, fails to get two-thirds majority