Media
#NLat10: आजाद पत्रकारिता का हमारा यह कारवां 10 साल का हुआ
जब हमने 2012 में इसकी शुरुआत की थी तब हम इसे मीडिया जगत एक ऐसा विकल्प बनाना चाहते थे, जो अलग राजस्व मॉडल पर आधारित हो. जिससे की पत्रकारिता की गुणवत्ता, जवाबदेही बढ़े और पत्रकारिता का सम्मान हो.
10 साल का लंबा सफर तय करने बाद भी हम अपने वादे पर कायम हैं. हम विज्ञापन मुक्त समाचार पेश कर रहे हैं. हम टेक्स्ट, पॉडकास्ट, एनीमेशन, वीडियो, कॉमिक्स और रिपोर्ट्स को आकर्षक रूप में पेश करते हैं.
न्यूज़लॉन्ड्री एक स्वतंत्र समाचार मीडिया मंच की आवश्यकता का समर्थन करने वाला पहला संस्थान है जो सरकार और सत्ता से सच बोल सकता है. और आज, स्पष्ट हो गया है कि यह पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण क्यों है.
हमारी स्थापना के बाद से, हमारे सब्सक्राइबर्स ने मीडिया पारिस्थितिकी तंत्र में इस विघटनकारी बदलाव को बढ़ावा देने में रीढ़ का काम किया है. आज हमारे हजारों सब्सक्राइबर्स हमें एक संस्थान के तौर पर आगे बढ़ने में मदद कर रहे है.
एक दशक पूरा होने के इस मौके पर हमने सब्सक्राइबर्स के साथ कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई थी लेकिन कोरोना की नई लहर ने उन योजनाओं को ठंडे बस्ते में डाल दिया. लेकिन हमारे पास एक अच्छी खबर है! न्यूज़लॉन्ड्री के 10 साल पूरे होने के जश्न में आप वर्चुअल तौर पर हमारे साथ शामिल हो सकते हैं. हम न्यूज़लॉन्ड्री के पुराने कंटेंट, सब्सक्राइबर्स के साथ बातचीत, सीमित समय के लिए खास मर्चेंडाइज और न्यूज़लॉन्ड्री में काम करने वाले सभी लोगों का आर्टवर्क जिसे हम नीलाम करेगें और भी बहुत कुछ.
Also Read
-
Army vs police in Kishtwar: What does it tell us about civil-military balance?
-
Why the Delhi Gymkhana eviction should terrify every housing society and hospital in India
-
From Umar Khalid to Sharjeel Imam: Being Muslim in Modi’s India
-
The making of Champat Rai: From trusted organiser to Ayodhya’s most controversial figure
-
चंपत कटै, मिटै सब पीरा: अयोध्या में आरएसएस की आंख-नाक-कान