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रेटिंग्स के लिए सेटअप बॉक्स में डेटा कैप्चरिंग क्षमताओं का पता लगाने के लिए भारत सरकार ने बनाई कमेटी
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने टीवी रेटिंग्स के लिए सेटअप बॉक्स में डेटा कैप्चरिंग क्षमताओं का पता लगाने के लिए प्रसार भारती के सीईओ की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया है.
कमेटी टीआरपी के लिए रिटर्न पाथ डेटा (आरपीडी) क्षमताओं के उपयोग करने पर भी विचार करेगी. यह सुझाव रेटिंग्स मापने के लिए ट्राई और टीआरपी समिति की रिपोर्ट में दिया गया है.
मंत्रालय ने कहा कि यह ग्रुप रिटर्न पाथ डेटा (आरपीडी)के सफल परीक्षण हुए देशों जैसे की कनाडा, बार्क के पैटर्न और डीटीएच ऑपरेटरों द्वारा किए गए स्वतंत्र परीक्षण का भी अध्ययन कर सकता है.
इस संयुक्त कमेटी में कुल छह लोग है. जिसकी अध्यक्षता प्रसार भारती के सीईओ एसएस वेम्पति करेगे, इसके अलावा कमेटी में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के एक प्रतिनिधि, भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के एक प्रतिनिधि, ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (बार्क)के एक प्रतिनिधि, डीटीएच एसोसिएशन के अध्यक्ष हरित नागपाल और ऑल इंडिया डिजिटल केबल फेडरेशन (एआईडीसीएफ) के प्रतिनिधि रहेगें.
मंत्रालय के आदेश में कहा गया है कि अगर कमेटी को किसी एक्सपर्ट की जरूरत होगी तो वह उसे भी शामिल कर सकते हैं. कमेटी को यह रिपोर्ट चार महीने में मंत्रालय को सौंपनी है.
इससे पहले सूचना प्रसारण मंत्रालय ने ब्राडकास्टर्स आडियंस रिसर्च काउंसिल (बार्क) को तत्काल प्रभाव से न्यूज चैनलों की रेटिंग जारी करने को कहा थी. साथ ही, मंत्रालय ने न्यूज चैनलों की बीते तीन महीने की रेटिंग मासिक आधार पर भी जारी करने को कहा है.
गौरतलब है कि इससे पहले मंत्रालय ने टीआरपी रेटिंग को लेकर एक कमेटी बनाई थी. कमेटी ने टीआरपी सिस्टम की समीक्षा और मौजूदा गाइडलाइंस में बदलाव को लेकर मंत्रालय को रिपोर्ट सौंपी थी.
बता दें, एक साल से भी अधिक समय के बाद बार्क की टेलीविजन रेटिंग प्वाइंट्स (टीआरपी) जारी करने के लिए कहा गया है. अक्टूबर 2020 में टीआरपी को लेकर उठे विवाद के बाद रेटिंग जारी करने पर रोक लगा दी गई थी.
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