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आनंद चौधरी और सुशील महापात्र को मिला साल 2019 का रामनाथ गोयनका अवार्ड
दैनिक भास्कर राजस्थान के पत्रकार आनंद चौधरी को उनकी रिपोर्ट के लिए हिंदी (प्रिंट) और एनडीटीवी के पत्रकार सुशील महापात्र को हिंदी (ब्राडकास्ट) में साल 2019 का रामनाथ गोयनका अवार्ड दिया गया.
आनंद चौधरी को जिस रिपोर्ट के लिए अवार्ड दिया गया, उस रिपोर्ट में उन्होंने मानव तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया था. चौधरी ने अपनी रिपोर्ट में राजस्थान के तीन आदिवासी जिलों उदयपुर, बांसवाड़ा और डूंगरपुर के गुजरात सीमा पर सटे 105 गांवों में फैले इस नेटवर्क को कवर किया था.
रिपोर्ट में बताया गया कि 8 से 15 साल के बच्चों को दलालों को बेच दिया गया. रिपोर्ट के प्रकाशित होने के बाद सरकार ने जांच के आदेश दिए जिसके बाद पुलिस ने 1000 बच्चों को इस नेटवर्क से बचाया.
वहीं सुशील महापात्र को हरियाणा की जहरीली नहर पर की गई सीरीज़ के लिए चयनित किया गया है. यह दूसरी बार है जब उन्हें रामनाथ गोयनका अवार्ड से सम्मानित किया जा रहा है.
सुशील कुमार महापात्र की 'काले पानी की नहर का सफेद सच' सीरीज में दिखाया गया था कि हरियाणा के पलवल, बल्लभगढ़ और फरीदाबाद इलाकों में कैसे नहर के जहरीले पानी की वजह से लोगों को अलग-अलग बीमारियां हो रही हैं. लोग कैंसर जैसी बीमारी से भी संक्रमित हो रहे हैं. इस स्टोरी के बाद कुछ इलाकों में प्रशासन द्वारा कार्रवाई भी की गई थी. एनजीटी ने कुछ फैक्ट्रियों के खिलाफ भी कार्रवाई की थी.
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