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एक साल बाद घर वापसी पर क्या कहते हैं आंदोलनकारी किसान
पिछले एक साल से विवादित कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलनकारी किसान दिल्ली से सटे सिंघु, टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर धरना प्रदर्शन कर रहे थे. आंदोलन के एक साल बाद अब सरकार ने विवादित तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने और अन्य मांगों को मान लिया है. सरकार द्वारा आश्वासन देने के बाद अब किसान अपने गांव वापस लौट रहे हैं.
सीडीएस जनरल बिपिन रावत की दुखद मौत को ध्यान में रखते हुए किसानों ने जश्न नहीं मनाने का फैसला लिया है. किसानों ने कहा कि वे बिपिन रावत के आकस्मिक निधन से व्यथित हैं और इसीलिए शांतिपूर्ण ढंग से घर वापसी करेंगे. इस मौके पर न्यूज़लॉन्ड्री ने सिंघु बॉर्डर पर किसानों से बात की जो अपना सामान और टेंट लेकर वापस अपने गांव लौट रहे थे. इस दौरान हमने किसानों से आंदोलन खत्म होने से लेकर पंजाब चुनाव, मोदी सरकार से उनकी नाराजगी जैसे अन्य सवालों पर भी चर्चा की.
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