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राकेश टिकैत: एक साल बेहद दुखद रहा, हर रोज करीब दो किसानों की मौत हुई
26 नवंबर को किसानों को दिल्ली की सीमओं पर आए एक साल पूरा हो गया है. उससे पहले ही 19 नवंबर को देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीनों विवादित कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा की. जिसके बाद लगा कि प्रदर्शन कर रहे किसान वापस अपने घरों को लौट जाएंगे, पर ऐसा नहीं हुआ.
इस एक साल के सफर को भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत दुखद बताते हुए कहते हैं, ‘‘यह समय बेहद दुखद रहा. हर रोज करीब दो किसानों की मौत हुई है. यह दुखद घटनाएं हैं. कोई आंदोलन एक साल नहीं चलता है. नाराजगी है हम लोगों में.’’
आंदोलन कब तक खत्म होगा इसे लेकर टिकैत कहते हैं, ‘‘एमएसपी पर कानून एक बड़ा मसला है. इसके अलावा हमारे 700 किसान शहीद हो गए, उनके बारे में सरकार कुछ सोचे. अगर सरकार हमारी बात मान लेती है तो आंदोलन खत्म हो जाएगा. सरकार कब तक मानेगी ये हमें नहीं पता पर जितना भी समय लगे उस वक्त तक आंदोलन चलता रहेगा.’’
कानूनों को वापस लेने की घोषणा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश के कुछ किसानों को हम समझा नहीं पाए. इस पर टिकैत न्यूज़लॉन्ड्री से कहते हैं, ‘‘हम भी कुछ मंत्रियों को नहीं समझा पाए. उन्हें समझाने में हमें 10 महीने लग गए. उन कुछ मंत्रियों को प्रधानमंत्री को समझाने में वक्त लग गया.’’
मीडिया का एक बड़ा तबका बार-बार कह रहा है कि किसानों को अब वापस लौट जाना चाहिए. आप से बातचीत करते हुए भी कई पत्रकारों/एंकरों ने कहा कि पीएम पर भरोसा कर आपको आंदोलन खत्म कर देना चाहिए. इस पर टिकैत कहते हैं, ‘‘अभी मीडिया को सरकार की चिंता है. अगली 10 तारीख तक तो वे हमारे खिलाफ खबरें चलाएंगे. देश के किसानों के खिलाफ ख़बरें चलेंगी. उनका सामना करने के लिए हम तैयारी कर रहे हैं.’’
राकेश टिकैत के साथ पूरा इंटरव्यू यहां देखें.
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