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गलत बयानी के लिए माफी मांगे तुषार मेहता- केयूडब्लूजे
केरल यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि, सुप्रीम कोर्ट में यूनियन के खिलाफ “बेबुनियाद बयानबाजी” के लिए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता मांगी मांगे.
केयूडब्लूजे ने कहा, “उन्हें सार्वजनिक रूप से सुप्रीम कोर्ट को गुमराह करने की कोशिश के लिए माफी मांगनी चाहिए”.
दरअसल जेल में बंद पत्रकार सिद्दीकी कप्पन को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली भेजने की याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में तुषार मेहता ने केरल यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट को एक "कथित संघ... एक अच्छी तरह से ज्ञात नहीं" के रूप में वर्णित किया था.
यूनियन ने कहा कि वह पिछले 60 सालों से पत्रकारों के लिए काम कर रहा है. पत्र में कहा गया है कि मेहता के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए प्रधानमंत्री और मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखेंगे.
बता दें कि 28 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकार को दिल्ली में इलाज कराने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार को आदेश दिया था.
कप्पन को हाथरस मामले की रिपोर्टिंग के लिए जाते वक्त मथुरा पुलिस ने पांच अक्टूबर को गिरफ्तार कर लिया था. पत्रकार दलित लड़की के परिवार के सदस्यों से मिलने के लिए हाथरस जिले में स्थित उसके गांव जा रहे थे.
गौरतलब है कि हाथरस में एक दलित लड़की से सामूहिक बलात्कार की घटना हुई थी और बाद में उसकी दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मृत्यु हो गई थी. जिसके बाद इस मामले ने दुनिया भर में तूल पकड़ लिया था. तब पत्रकार कम्पन की गिरफ्तारी की काफी कड़ी आलोचना हुई थी.
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