Newslaundry Hindi
केरल के पत्रकार सिद्दीकी कप्पन की हिरासत 90 दिन बढ़ी
उत्तर प्रदेश में हाथरस पीड़िता के घर जाते वक्त गिरफ्तार किए गए केरल के पत्रकार सिद्दीकी कप्पन की न्यायिक हिरासत जिला अदालत ने 90 दिन के लिए बढ़ा दी है.
एबीपी न्यूज़ की खबर के मुताबिक, अपर जिला एवं सत्र न्यायालय से सिद्दीकी कप्पन और तीन अन्य के खिलाफ चल रहे मामले में एसटीएफ के उपाधीक्षक राकेश पालीवाल ने चार्जशीट पेश करने के लिए तीन महीने का और समय मांगा है.
बता दें कि पत्रकार और तीन अन्य लोगों पर देशद्रोह, साम्प्रदायिक उन्माद भड़काकर दंगा कराने के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है. एनआईए एक्ट को आधार बताकर सरकारी वकील ने आरोपपत्र दाखिल करने के लिए जांच दल को 90 दिन के स्थान पर 180 दिन का समय दिए जाने का जिक्र किया, जिसे अदालत ने मान लिया.
गौरतलब है कि नवंबर महीने में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया था. इससे पहले केरल यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट ने पत्रकार सिद्दीक को छोड़ने के लिए सीएम योगी को पत्र लिखा था.
यूनियन ने कहा कि कप्पन जो केरल यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट की दिल्ली यूनिट के सेक्रेटरी हैं, और दिल्ली में वरिष्ठ पत्रकार हैं. वे हाथरस में मौजूदा हालात की रिपोर्टिंग के लिए गए थे. जो रिपोर्टर का कर्तव्य है. हाथरस पुलिस और राज्य पुलिस विभाग ने हिरासत में लेने के बाद कोई सूचना मुहैया नहीं कराई है. हम सरकार से उनकी तुरंत रिहाई की मांग करते हैं.
उत्तर प्रदेश में हाथरस पीड़िता के घर जाते वक्त गिरफ्तार किए गए केरल के पत्रकार सिद्दीकी कप्पन की न्यायिक हिरासत जिला अदालत ने 90 दिन के लिए बढ़ा दी है.
एबीपी न्यूज़ की खबर के मुताबिक, अपर जिला एवं सत्र न्यायालय से सिद्दीकी कप्पन और तीन अन्य के खिलाफ चल रहे मामले में एसटीएफ के उपाधीक्षक राकेश पालीवाल ने चार्जशीट पेश करने के लिए तीन महीने का और समय मांगा है.
बता दें कि पत्रकार और तीन अन्य लोगों पर देशद्रोह, साम्प्रदायिक उन्माद भड़काकर दंगा कराने के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है. एनआईए एक्ट को आधार बताकर सरकारी वकील ने आरोपपत्र दाखिल करने के लिए जांच दल को 90 दिन के स्थान पर 180 दिन का समय दिए जाने का जिक्र किया, जिसे अदालत ने मान लिया.
गौरतलब है कि नवंबर महीने में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया था. इससे पहले केरल यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट ने पत्रकार सिद्दीक को छोड़ने के लिए सीएम योगी को पत्र लिखा था.
यूनियन ने कहा कि कप्पन जो केरल यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट की दिल्ली यूनिट के सेक्रेटरी हैं, और दिल्ली में वरिष्ठ पत्रकार हैं. वे हाथरस में मौजूदा हालात की रिपोर्टिंग के लिए गए थे. जो रिपोर्टर का कर्तव्य है. हाथरस पुलिस और राज्य पुलिस विभाग ने हिरासत में लेने के बाद कोई सूचना मुहैया नहीं कराई है. हम सरकार से उनकी तुरंत रिहाई की मांग करते हैं.
Also Read
-
Rs 3,350-cr MoU, 70,000 jobs: A Yogi govt AI investment deal is now under fraud cloud
-
343 posts since May, but India’s exam crisis barely exists in the education minister’s timeline
-
‘This is a Sangh village’: Inside Kerala’s new Hindutva strongholds
-
Shamli’s conversion story falls apart when its ‘victim’ speaks. But Aaj Tak calls him brainwashed
-
यूपी ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में 3300 करोड़ का एमओयू करने वाली कंपनी ने लोगों को ठगा