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अर्णब गोस्वामी केस में महाराष्ट्र सरकार के विशेषाधिकार नोटिस पर दो सप्ताह बाद होगी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने रिपब्लिक टीवी के प्रमुख अर्णब गोस्वामी द्वारा महाराष्ट्र विधानसभा में जारी विशेषाधिकार नोटिस के उल्लंघन के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए इस मामले को दो सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया है. मुख्य न्यायधीश एसए बोबडे के नेतृत्व में पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा "हमें मामले में कानून का पालन करना होगा".
गौरतलब है कि शिवसेना के विधायक प्रताप सरनाइक ने अर्नब गोस्वामी के ख़िलाफ़ महाराष्ट्र विधानसभा में ये प्रस्ताव रखा था और परिवहन मंत्री अनिल परब ने अर्णब गोस्वामी के ख़िलाफ़ सख्त से सख़्त कार्रवाई की मांग की थी. प्रताप सरनाइक ने कहा था, "मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और राष्ट्रवादी कांग्रेस के प्रमुख शरद पवार के ख़िलाफ अर्णब गोस्वामी ने जिस भाषा का प्रयोग किया है, उसकी मैं निंदा करता हूं. अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर उद्धव ठाकरे और शरद पवार, दोनों की प्रतिष्ठा को धूमिल करने का प्रयास हुआ है. अर्णब गोस्वामी के ख़िलाफ़ सख़्त से सख़्त कार्रवाई हो."
इसके बाद महाराष्ट्र विधानसभा के दोनों सदनों में शिवसेना द्वारा गोस्वामी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव पेश किया गया, जिसे विधानसभा अध्यक्ष ने स्वीकार कर लिया था और उन्हें 60 पन्नों का नोटिस भेजा था. इसमें बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में सरकार की आलोचना के लिए अर्णब को विधानसभा की ओर से 16 सितंबर को शो-कॉज नोटिस भेजा गया था. इसे अर्णब ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. जिस पर आज सुनवाई करते हुए कोर्ट ने ये फैसला सुनाया है. इस मामले में अर्णब की तरफ से वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे और महाराष्ट्र सरकार की तरफ से कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी पैरवी कर रहे थे.
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