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दिल्ली के पिंक बूथ: कहीं ताला तो कहीं पुलिस ही गायब
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर दिल्ली पुलिस ने 2021 से अब तक राजधानी में 120 से 130 पिंक बूथ बनाए हैं. इनका मकसद महिलाओं की शिकायतों को सुनना और उन्हें जरूरी मदद मुहैया कराना है. लेकिन हालिया दुष्कर्म की घटनाओं के बाद इन बूथों की कार्यप्रणाली और महिलाओं की सुरक्षा में उनकी भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं.
इनकी जमीनी स्थिति जानने के लिए हमने दिल्ली के पूर्वी और उत्तरी इलाकों में बने सात पिंक बूथों का जायजा लिया. कहीं बूथ बंद पड़े थे, तो कहीं महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थीं. कुछ बूथों के आसपास गंदगी और बदहाल व्यवस्था भी नजर आई.
वहीं, दिल्ली विश्वविद्यालय और मिरांडा हाउस के बाहर मौजूद पिंक बूथ चालू मिले. यहां तैनात महिला पुलिसकर्मियों ने बताया कि वे महिलाओं और छात्राओं की शिकायतों पर कार्रवाई करती हैं. लेकिन दूसरे इलाकों में बूथों की स्थिति और स्थानीय लोगों के अनुभवों ने इनकी कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए.
राजधानी की इन बूथों के हालात कैसे है और क्या ये महिलाओं को सुरक्षित महसूस कराने और उनकी मदद करने में सफल हो रहे हैं? देखिए दिल्ली से हमारी ये रिपोर्ट.
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