Video
8 घंटे काम, हफ्ते में एक दिन छुट्टी और बेहतर वेतन के लिए दो महीने से लड़ रहे सूरत के कपड़ा मजदूर
‘अब लौटकर नहीं आऊंगा, मेरे दोस्त…’ अप्रैल 2026 में सूरत के उधना रेलवे स्टेशन पर रिकॉर्ड हुए एक वीडियो की यह पंक्ति लाखों प्रवासी मजदूरों की पीड़ा का प्रतीक बन गई थी. कुछ महीने बाद, वही सूरत एक बार फिर मजदूरों के आंदोलन की वजह से चर्चा में है.
देश के सबसे बड़े टैक्सटाइल और एम्ब्रॉयडरी केंद्रों में शामिल सूरत में मजदूर 8 घंटे की ड्यूटी, साप्ताहिक सवेतन छुट्टी और श्रम कानूनों के पालन की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. मजदूर संगठनों का कहना है कि ये कोई नई मांगें नहीं हैं, बल्कि वे अधिकार हैं जो कानून पहले से उन्हें देता है. उनका दावा है कि बड़ी संख्या में मजदूर आज भी 12-12 घंटे काम करने को मजबूर हैं.
यह आंदोलन 16 अगस्त को अमरोली की एम्ब्रॉयडरी यूनिटों से शुरू हुआ और धीरे-धीरे शहर के दूसरे औद्योगिक इलाकों तक फैल गया. इसके बाद श्रम विभाग ने मजदूर संगठनों और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ कई दौर की बैठकें कीं, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका.
उद्योग प्रतिनिधियों का कहना है कि मजदूरों की मांगें पूरी तरह लागू होने से उत्पादन लागत बढ़ेगी और कारोबार प्रभावित होगा.
सितंबर के अंतिम सप्ताह में सूरत के उप श्रम आयुक्त ने उद्योग संगठनों को नए श्रम कानूनों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. हालांकि, मजदूर संगठनों का कहना है कि जमीनी स्तर पर अब तक कोई बड़ा बदलाव दिखाई नहीं दिया है.
आंदोलन के दौरान अमरोली में तनाव भी देखने को मिला. पथराव और फैक्ट्रियां जबरन बंद कराने के आरोपों के बाद पुलिस ने तीन एफआईआर दर्ज कीं और आठ लोगों को गिरफ्तार किया. करीब 500 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामले दर्ज किए गए.
दो महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी मजदूरों का कहना है कि उनकी लड़ाई सिर्फ काम के घंटों या छुट्टी की नहीं, बल्कि सम्मानजनक जीवन और बेहतर कामकाजी परिस्थितियों के लिए है.
देखिए ये वीडियो रिपोर्ट.
Also Read
-
Delhi’s Detention Day: Stop everything and watch this now! Protesters picked up, journalists detained
-
Three Newslaundry reporters detained by Delhi Police, since released
-
‘Event Jeevi in-chief’: Why every Modi milestone needs melodrama and a media circus
-
Delhi Police detain CJP’s Abhijeet Dipke, Ashutosh Ranka and Saurav Das
-
‘Are you going to Delhi?’ Gujarat Police detain, call and house arrest students, activists before protest